विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा शनिवार को आयोजित लोक अदालत में मेले जैसा नजारा रहा। इस दौरान दीवानी सहित सभी न्यायालयों में सुलह समझौते के आधार पर 6 हजार से अधिक मुकदमों का निस्तारण कर कुल 12 करोड़ रुपये वसूले गए। वहीं प्रीलिटिगेशन के कुल 9 हजार से अधिक वाद निपटाए।
इस तरह कुल 15 हजार से अधिक वाद निपटाए गए। सुबह दीवानी सभागार में जिला जज व विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष डॉ.बब्बू सारंग ने लोक अदालत का विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान सभी न्यायिक अधिकारी व तमाम अधिवक्ता मौजूद रहे।
इस दौरान विभिन्न प्रकार के कुल 6344 वाद सुलह समझौते से निपटाए गए, जिसमें कुल 124183288 रुपये वसूले गए। वहीं प्रीलिटिगेशन स्तर पर कुल 9329 वाद निपटाकर कंपनियों ने 117806071.85 रुपये वसूले। इस दौरान एडीजे प्रथम शाहिद रजा, लल्लू सिंह, पीठासीन अधिकारी वाणिज्यिक न्यायालय, अशोक कुमार, विशेष न्यायाधीश (ईसी एक्ट), करुणा सिंह लघुवाद न्यायाधीश, सीजेएम ऋतु नागर, मोहम्मद फिरोज प्रथम एसीजेएम, दीपक कुमार मिश्रा पंचम एसीजेएम, नरेश कुमार दिवाकर सप्तम एसीजेएम, ऐश्वर्य प्रताप सिंह रेलवे मजिस्ट्रेट, संदीप एसीजेएम तृतीय, प्रतिभा चौधरी द्वितीय एसीजेएम, विधि सिंघल प्रथम न्यायिक मजिस्ट्रेट, उत्कर्षा बर्तवाल द्वितीय न्यायिक मजिस्ट्रेट, अर्शी नूर सिविल जज (जूडी) खैर, रईस अहमद पीठासीन अधिकारी अतिरिक्त न्यायालय, प्रेम नारायण कुलश्रेष्ठ द्वितीय विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट, चतर सिंह, प्रथम विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट ने वाद निस्तारित किए।
आयोजन में संजय सिंह पीठासीन अधिकारी मोटरयान दुर्घटना प्रतिकर न्यायाधिकरण, शाहिद रजा, प्रथम अपर जिला जज/नोडल अधिकारी लोक अदालत उपेंद्र कुमार अध्यक्ष स्थायी लोक अदालत, लीड बैंक मैनेजर अनिल कुमार सिंह, सोहन लाल, मनोज कुमार, ऋषि कुमार, राहुल कुमार, सुरेश कुमार, वीरेंद्र स्वरूप माथुर, बृजेश कुमार, दिनेश सैनी आदि मौजूद रहे। वहीं आयोजन की सफलता पर विधिक प्राधिकरण के सचिव महेंद्र कुमार ने सभी का आभार व्यक्त किया और जिला जज ने भी उन्हें बधाई दी।
परिवार न्यायालय में निपटाए 86 वाद
परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश सुरेंद्र सिंह ने 86 वैवाहिक वादों का निस्तारण कर इनमें से ज्यादातर जोड़ों को एक साथ भेजा। ये वे वाद थे, जिनमें ज्यादातर जोड़े अलग-अलग जाने को तैयार थे। मगर काउंसलिंग की प्रक्रिया के बाद काउंसलर योगेश सारस्वत, सत्यदेव उपाध्याय, राकेश शर्मा आदि की मदद से ये जोड़े साथ भेजे गए।
स्थायी लोक अदालत में निपटाए वाद
स्थायी लोक अदालत में पीड़ित महेश चंद्र के दुर्घटनाग्रस्त वाहन की बीमा धनराशि 4,80000 रुपये दिलाकर चेयरमैन उपेंद्र कुमार और सदस्य शाजिया सिद्दीकी ने वाद निस्तारित किया। इसी तरह सरोज देवी को मृत पति की बीमा पालिसी का क्लेम डेढ़ लाख रुपये दिलाकर वाद निस्तारित किया।
मोटर ट्रिब्युनल ने निपटाए 184 वाद
मोटर दुर्घटना प्रतिकर न्यायाधिकरण के पीठासीन अधिकारी संजय सिंह ने कुल 184 वादों का निस्तारण कर 80862104 रुपये प्रतिकर एवार्ड जारी कर पीड़ित परिवारों को दिलवाया। इस दौरान उन्होंने कुछ मामलों में बीमा कंपनी अधिकारियों से वर्चुअल संवाद कर तत्काल वाद निस्तारित कराए। इस दौरान दिव्या शर्मा बनाम सौरभ के मामले में सर्वाधिक 99 लाख रुपये की धनराशि दी गई।
वहीं विजयपाल सिंह के मामले में सबसे कम दस हजार रुपये धनराशि दी गई। वहीं सबसे पुराने 2015 के दुर्गपाल सिंह के मामले में 7 लाख रुपये व सबसे नए मैराज मेहंदी के मामले में 3 लाख 80 हजार रुपये दिलाए गए। इस आयोजन में अधिवक्ता प्रदीप सक्सेना, गणेश शर्मा, देवेंद्र सिंह जादौन, विनोद रावत, लेखराज सिंह, जयप्रकाश शर्मा, मानवेंद्र सिंह, सरनाम सिंह, श्रीकांत आदि की भूमिका रही।