केपी सिंह मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से दिए जाने वाला केपी सिंह मेमोरियल सम्मान साहित्यकार चंचल चौहान को दिया जाएगा। यह सम्मान उन्हें कैफी आजमी एकेडमी, लखनऊ में 27 मार्च को दिया जाएगा। अध्यक्षता लेखिका नमिता सिंह करेंगी। प्रसिद्ध आलोचक वीरेंद्र यादव विषय प्रवर्तन करेंगे। ‘हमारा समकाल : कुछ प्रश्न सुलझे-अनसुलझे’ विषय पर चंचल चौहान का व्याख्यान भी होगा।
उत्तर प्रदेश में जन्मे जनवादी लेखक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष चंचल चौहान ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अंग्रेजी व हिंदी में एमए और अंग्रेजी नाटककार अर्नाल्ड वेस्कर पर पीएचडी की। वह बतौर शिक्षक दिल्ली विश्वविद्यालय के एक कॉलेज से सेवानिवृत्त हुए।
वर्ष 1972 में उनका पहला संयुक्त कविता संकलन ‘प्रहार स्याह रात पर’(राजकुमार सैनी के साथ), 1976 में मुक्तिबोध पर आलोचना पुस्तक, 1979 में जनवादी समीक्षा, 1982 में दूसरा कविता संग्रह ‘खोलो बंद झरोखे’, 2008 में ‘आलोचना की शुरुआत’ 2010 में पूर्व प्रकाशित ‘जनवादी समीक्षा’ नए शीर्षक ‘आलोचना यात्रा’ के रूप में प्रकाशित, 2011 में ‘हिंदी कथा साहित्य: विचार और विमर्श’ प्रकाशित, मुक्तिबोध की कविता पर 1976 में प्रकाशित विशेष पुस्तक, नए रूप में ‘मुक्तिबोध के प्रतीक और बिंब’ शीर्षक से प्रकाशित। जनवादी लेखक संघ केंद्र की पत्रिका ‘नया पथ’ से संबद्ध । एंजेल फ्लोरेस के संपादन में रूसी आलोचना विवाद का अनुवाद, ‘मार्क्सवाद और साहित्य’ के रूप में। अंग्रेजी पत्रिका जर्नल ऑफ आर्ट्स एंड आइडियाज के संपादन से जुड़े रहे।