सोमवार सुबह करीब 10 बजे भोला अपनी बहनों संग झुग्गियों से 50 मीटर दूर पुराने छर्रा अड्डे के खाली मैदान में खेल रहा था। भोला की बड़ी बहन नौ वर्षीय रूपा के अनुसार इसी बीच दो युवक बाइक पर आए और भोला को गोदी में उठाकर बोले कि घर में बच्चों का कन्या लांगुरा का पूजन होना है। इसलिए उसे ले जा रहे हैं। इसके बाद वे भोला को बाइक पर बैठाकर एटा चुंगी की ओर लेकर चले गए। इस पर रूपा चीखती हुई अपनी मां के पास पहुंची और वाकया बताया। यह सुनकर मां के होश उड़ गए।
चीख पुकार-शोरशराबे पर तमाम लोग एकत्रित हो गए। तत्काल थाने जाकर पुलिस को सूचना दी। 10.30 बजे मिली सूचना पर पुलिस के होश उड़ गए। सबसे पहले इंस्पेक्टर क्वार्सी मौके पर पहुंचे। खबर पर एसपी सिटी, सीओ तृतीय भी मौके पर पहुंच गए। आनन-फानन जिले में चेकिंग शुरू कराई गई और सीसीटीवी की मॉनीटरिंग शुरू कराई गई। एसएसपी कलानिधि नैथानी खुद सीसीटीवी कंट्रोल रूम पहुंच गए। वहीं बच्चे के माता-पिता व बहन को भी ले आया गया।
सीसीटीवी की मानीटरिंग में बाइक सवार बच्चे को लेकर एटा चुंगी और वहां से बौनेर, फिर बाईपास के रास्ते सासनी गेट और खिरनी गेट तक कैद पाए गए। इसके बाद वे नहीं दिखाई दिए। मगर उनके चेहरे साफ कैद होने पर पुलिस ने खोजबीन शुरू कर दी। इसी प्रयास में शाम साढ़े पांच बजे दोनों बच्चे को लेकर घूमते हुए मिल गए। दोनों को दबोच लिया गया और देर रात तक पूछताछ जारी थी। बच्चे को सकुशल वापस पाकर दंपती बेहद खुश थे। प्रारंभिक पूछताछ में २० हजार रुपये में बाबरी मंडी की एक दंपती को बच्चा बेचना उजागर हुआ है।