न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
कोल तहसील सभागार में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में आई 58 शिकायतों में से 11 शिकायतों का निस्तारण मौके पर करा दिया गया। शहर व कोल विधायक के साथ डीएम एवं एसएसपी ने फरियादियों की शिकायतें सुनीं और उनका समाधान कराया। डीएम ने अधिकारियों एवं फरियादियों से कहा कि कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है और समय के साथ इसके नये वैरिएंट भी सामने आ रहे हैं, जो आम जनमानस के स्वास्थ्य के लिए अच्छा संकेत नहीं है। उन्होंने अपील की कि लोग जब भी घर से बाहर निकलें मास्क का प्रयोग अनिवार्य रूप से करें और सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखें।
शहर विधायक संजीव राजा एवं कोल विधायक अनिल पाराशर ने कहा कि प्रदेश सरकार जनसमस्याओं के निस्तारण के प्रति संवेदनशील है। हमारी सरकार में प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही तय की गई है। यदि शिकायतों का लापरवाही एवं शिथिलता बरतते हुए गुणवत्तापरक निस्तारण नहीं किया जाता है उसे डिफाल्टर की श्रेणी में डालते हुए उच्चाधिकारियों के माध्यम से कार्रवाई कराई जाती है।
संपूर्ण समाधान दिवस में 58 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 11 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कराया गया। समाधान दिवस में शिक्षा, पुलिस, विद्युत, सिंचाई, कृषि, विकास, राजस्व समेत अन्य विभागों की शिकायतें आईं। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी अंकित खंडेलवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी, एसडीएम कोल संजीव कुमार ओझा समेत विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
डीएम साहिबा, एडीए ने घिरवा दी पैत्रक जमीन
अलीगढ़। डीएम साहिबा, एडीए ने पैत्रक जमीन घिरवा दी है। संपूर्ण समाधान दिवस में यह दर्द शांति निकेतन के समीप की भूमि पर दावा करने वाले मुस्लिम परिवार का है। सराय मियां देहलीगेट निवासी रईस अहमद ने बताया कि उनके दादा अजीम बख्श की शाहजमाल क्षेत्र में एक बीघा तीन बिस्वा भूमि थी। वर्ष 1999 से पहले उन्होंने एडीए को एक बीघा दो बिस्वा भूमि बेच दी थी। इस भूमि पर एडीए ने शांति निकेतन कॉलोनी बसाई थी। एक बिस्वा भूमि अब तक हमारे पास है। क्षेत्र के एक दबंग और उसके साथियों ने एडीए के अफसरों से मिलीभगत कर 17 दिसंबर 2021 को इस जमीन पर कब्जा करते हुए निर्माण शुरू करा दिया। सूचना मिलने पर 100 नंबर पर फोन कर काम रुकवा दिया। इसकी शिकायत ओएसडी अंजुम बी से की तो उन्होंने इसे अपने क्षेत्र के बाहर का मामला बताते हुए लेखपाल के पास भेजा। लेकिन लेखपाल ने भगा दिया। समस्या सुनकर डीएम ने उन्हें ओएसडी से मिलने की सलाह दी। रईस का आरोप है कि जब दोबारा एडीए गए तो ओएसडी ने उन्हें फिर लेखपाल के पास भेज दिया। उन्होंने फिर बिना सुने हमें भगा दिया। ओएसडी अंजुम बी ने बताया कि इस मामले में प्रार्थना पत्र आया है। इसकी पत्रावलियां निकलवाकर जांच कराई जाएगी। ब्यूरो