अभिषेक शर्मा, अलीगढ़।
जहरीली शराब कांड के मुख्य आरोपियों में शामिल घोषित माफिया भाइयों अनिल चौधरी-सुधीर चौधरी की प्रशासन द्वारा कुर्क एक संपत्ति पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। यह संपत्ति रोरावर क्षेत्र में है। जिलाधिकारी के आदेश पर पुलिस प्रशासनिक टीम ने कुर्की/जब्तीकरण की कार्रवाई करते हुए अपना बोर्ड लगाया था।
खुद डीएम ने इंस्पेक्टर खैर को इस संपत्ति का प्रशासक नियुक्त किया था। जमानत मिलने के बाद जेल से रिहा होकर आए सुधीर चौधरी ने एडीएम सिटी से इसकी शिकायत की है, अब इस मामले की जांच सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपी गई है।
पिछले वर्ष 28 मई की सुबह से जिले में जहरीली शराब कांड का शोर मचा और अगले 10 दिन तक 120 लोगों की मौत ने प्रदेश को हिलाकर रख दिया था। पुलिस प्रशासन ने गैंगेस्टर एक्ट की कार्रवाई कर इस कांड के आरोपियों की करीब 88 करोड़ की संपत्तियों को जब्त किया था।
ये वे संपत्तियां मानी गईं, जिन्हें आरोपियों द्वारा अवैध शराब के कारोबार से अर्जित किया गया था। इसी कड़ी में गोंडा के गांव धारा की गढ़ी निवासी दो भाइयों अनिल-सुधीर चौधरी की संपत्तियों को जब्त किया गया। इनकी संपत्तियों को गैंगेस्टर की धारा 14/1 के तहत जब्त कर इंस्पेक्टर खैर को प्रशासक नियुक्त किया गया था।
अगस्त में पुलिस-प्रशासनिक टीमों ने अनिल व सुधीर की संपत्तियों पर पहुंचकर उन्हें कुर्क कर प्रशासन के हक में जब्त करने की सार्वजनिक घोषणा की और जिलाधिकारी के आदेश सहित प्रशासक नियुक्त संबंधी बोर्ड भी लगाए थे।
अब लगाया सुधीर ने लगाया ये आरोप
पिछले दिनों जेल से रिहा हुए सुधीर चौधरी ने अपर जिलाधिकारी नगर को एक लिखित शिकायत दी है। इस शिकायत में आरोप है कि उसकी व उसके भाई की जो संपत्तियां जब्त की गई थीं, उनमें एक रोरावर क्षेत्र के अलहदादपुर नीवरी में गाटा संख्या 74 पर दर्ज संपत्ति है, जिसका 0.2920 हेक्टेयर रकबा है।
यह संपत्ति उसने 2013 में बैनामा के जरिए खरीदी थी। उसके बाद कुछ लोग उस पर अपना हक जताने लगे, मगर पुलिस प्रशासनिक जांच व हाईकोर्ट से मिले आदेश के आधार पर यह संपत्ति उनके हक में है। अब उनके जेल जाने के बाद प्रशासन द्वारा जब्त की गई इस संपत्ति पर बनी तीन दुकानों को दूसरे पक्ष ने ध्वस्त कर दिया और पांच दुकानों के ताले तोड़ उन पर अवैध कब्जा कर लिया है।
डीएम के आदेश पर इस संपत्ति के प्रशासक इंस्पेक्टर खैर थे। सुधीर का आरोप है कि इस अवैध कब्जे में प्रशासक रहे पूर्व इंस्पेक्टर की भूमिका पर संदेह है। शिकायत पर एडीएम सिटी ने सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ प्रथम व इंस्पेक्टर रोरावर को जांच सौंपी है।
- इस तरह की शिकायत का ताजा प्रकरण संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा है तो निश्चित तौर पर संबंधित एसडीएम के जरिये उसकी जानकारी कराई जाएगी और अगर कब्जा पाया गया तो उसे ध्वस्त कराया जाएगा। साथ में कब्जा करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई भी होगी।
-राकेश कुमार पटेल, एडीएम सिटी