पूर्व मेयर आशुतोष वार्ष्णेय ने नम आंखों से बताया कि पूर्व सीएम कल्याण सिंह उनके राजनीतिक गुरु ही नहीं पिता तुल्य भी थे। उन्होंने ही अलीगढ़ को महानगर का दर्जा देकर पहली बार नगर निगम का मेयर बनाने का गौरव हासिल कराया था। अलीगढ़ शहर के विकास के लिए वह मुझे लखनऊ बुलाते रहते थे।
शहर के विकास का खाका बनाकर मुझे जिम्मेदारी सौंपी। किसी भी कार्य में कभी धन की कमी नहीं होने दी। शहर में अनेकों पार्कों, सड़कों, नालों और सर्व समाज के बरात घरों के निर्माण कराया। रामघाट रोड की सीमेंटेड सड़क बनवाई।
महानगर के विकास के लिए अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल में करीब 125 करोड़ रुपये से भी अधिक धन उपलब्ध कराया। वह हमेशा मेरे भतीजे और पुत्रों के विवाह समारोह में निजी तौर पर शामिल होते थे। सभी आयोजनों में पारिवारिक सदस्य के रूप में शामिल होते रहे।
पूर्व मेयर ने बताया कि उन्होंने दोबारा भी अलीगढ़ का महापौर बनवाया। जब बाबूजी ने भाजपा छोड़ कर नई पार्टी का गठन किया तो उन्हें राष्ट्रीय क्त्रसंति पार्टी का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया। अलीगढ़ बाबूजी के नाम से जाना जाता रहा है। आज उनके निधन से पूरे जिले को सदमा लगा है, जिसकी कमी कभी पूरी नहीं हो सकती है। पूर्व मेयर ने कहा कि वह सदैव उनके ऋणी रहेंगे।