लोकतंत्र रक्षक सेनानियों को सम्मानित करने के लिए शहर में कई जगहों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान वक्ताओं ने आपातकाल में विपक्षीय को दी गईं यातनाओं पर प्रकाश डाला। मौके पर सभी लोकतंत्र रक्षक सेनानियों को सम्मानित किया गया।
शहर विधायक मुक्ता संजीव राजा के खैर रोड स्थित कार्यालय पर लोकतंत्र रक्षक सेनानियों के सम्मान में कार्यक्रम हुआ। पूर्व विधायक संजीव राजा ने कहा कि बहुत कम लोग ऐसे होते हैं, जो राष्ट्र सेवा में समर्पित होकर अपने परिवार की चिंता किए बगैर सामाजिक कार्य को अपना कर्तव्य मानते हैं। 1975 के काल खंड में भी मां भारती के सपूतों ने देश की जनता में लोकतंत्र का भाव पैदा कर जेल के जाने से पूर्व कांग्रेस के अत्याचारों को झेला।
इस दौरान वरिष्ठ भाजपा नेता राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ, देवेंद्र सक्सेना, अशोक उपाध्याय, रघुवर दयाल, हीरालाल, कल्याण सिंह, विजय वार्ष्णेय, नरायनदत्त शर्मा, मुकेश सांई, योगेंद्र सक्सेना, हरीश वार्ष्णेय, कुंती देवी, सुरेंद्र वार्ष्णेय, दिनेश गौड़, वीरवती देवी, चौ. मनवीर सिंह, गरूणध्वज उपाध्याय, सुनील कुमार आदि को सम्मानित किया गया।
मौके पर भाजपा पार्षद लतेश चौधरी, भाजयुमो क्षेत्रीय उपाध्यक्ष निखिल माहेश्वरी, हरीबाबू गुप्ता, गोपाल ठेकेदार, महेश सक्सेना, संजीव बैजोई, विजेंद्र सैनी, सतीश माहौर, ओपी लाला, तोताराम विद्यार्थी, सुभाष बाबू गुप्ता, सचिन पेठा, जीवन किशोर वार्ष्णेय, आशीष शर्मा, मानव वार्ष्णेय, नासिर नकवी आदि मौजूद रहे। संवाद