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अलीगढ़ : प्रधानों का मानदेय सचिवों से एक रुपये अधिक हो...

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अखिल भारतीय पंचायत परिषद जिला महासचिव सुनील शर्मा। - फोटो : CITY OFFICE
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आशीष श्रीवास्तव, अलीगढ़।
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विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार पंचायत प्रतिनिधियों के मानदेय में वृद्धि एवं वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों में बढ़ोत्तरी देने की सौगात देने की तैयारी कर रही है। वर्षों पुरानी इस मांग को पूरी होते देखकर भी प्रधानों में कोई उत्साह नजर नहीं आ रहा है।
उन्होंने इसे चुनावी लॉलीपॉप बताते हुए कहा कि पिछली सपा सरकार में दो बार प्रधानों के मानदेय में वृद्धि हुई थी। इस बार जो बढ़ोत्तरी प्रस्तावित है, वह नाकाफी है। ग्राम पंचायत में सचिव प्रधान के अधीन काम करता है, ऐसे में प्रधान को सचिव से एक रुपया अधिक मानदेय मिलना चाहिए।
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प्रधान संगठन के पदाधिकारी बोले -
- पंचायतों के जब तक पूर्ण अधिकार और प्रधानों को सम्मानजनक मानदेय नहीं मिलेगा, तब तक हम विरोध करेंगे। सिर्फ 1500 रुपये बढ़ने से हम संतुष्ट नहीं है। यह चुनावी लॉलीपॉप है।
अशोक जादौन, प्रदेश अध्यक्ष अखिल भारतीय पंचायत परिषद
-ग्राम पंचायत सचिव प्रधान के अधीन होता है। ऐसे में प्रधान का मानदेय सचिव से एक रुपये अधिक होना चाहिए। प्रदेश सरकार द्वारा मानदेय में प्रस्तावित बढ़ोत्तरी ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। - अर्जुन सिंह भोलू, प्रदेश उपाध्यक्ष अखिल भारतीय पंचायत परिषद
- वित्तीय अधिकारों और मानदेय के लिए प्रदेश के प्रधान लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। सरकार ने जो निर्णय लिया है तो हम उससे ज्यादा की अपेक्षा कर रहे थे। फिर भी घोषणा का स्वागत है।
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- सुनील शर्मा, जिला महासचिव
- सपा सरकार ने अपने कार्यकाल में प्रधानों का मानदेय दो बार बढ़ाया था। अभी सरकार सिर्फ मानदेय बढ़ाने का आश्वासन दे रही है। प्रधान का मानदेय सचिव से ज्यादा होना चाहिए।
- खुसरो खान, जिला उपाध्यक्ष, प्रधान संगठन

अखिल भारतीय पंचायत परिषद के प्रदेश अध्यक्ष अशोक जादौन। - फोटो : CITY OFFICE

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