फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अलीगढ़ : बहुचर्चित संजीव हत्याकांड में सुनवाई आज

विज्ञापन
विज्ञापन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
विज्ञापन

डीएस कॉलेज के बाहर छात्र नेता संजीव चौधरी हत्याकांड में सोमवार को फैसला नहीं आ सका। इस मामले में तीनों आरोपियों के न आ पाने के कारण न्यायालय ने अब मंगलवार तीन अगस्त की तारीख नियत कर दी है।
इस मामले में पैरवी कर रहे संजीव के अधिवक्ता पिता चौ.बलवीर सिंह एडवोकेट ने बताया कि वर्ष 2002 में हुए इस हत्याकांड में जिला जज के न्यायालय में सोमवार को फैसले की तारीख नियत थी। मगर मुकदमे के तीनों आरोपी अलग-अलग जेलों में हैं। एक मथुरा, एक बुलंदशहर व एक एटा जेल में है। तीनों के न आने के कारण नई तारीख 3 अगस्त तय कर दी गई है।
विज्ञापन

बता दें कि इस कांड में राघवेंद्र सिंह कालू, संजीव उर्फ रॉबी और योगेश चौधरी आरोपी हैं। डीजीसी धीरेंद्र सिंह तोमर के अनुसार आरोपियों के हाजिर न होने के कारण और बचाव पक्ष के जिरह न कर पाने के अनुरोध पर न्यायालय ने मंगलवार की तारीख नियत की है।
विज्ञापन

गोकशी के आरोपियों को सात-सात साल की सजा
अलीगढ़। बरला क्षेत्र में वर्ष 2007 में गोकशी के तीन आरोपियों को रंगे हाथ पकड़े जाने के मामले में न्यायालय ने सात-सात साल की सजा सुनाई है। यह फैसला एसीजेएम दीपक कुमार मिश्रा के न्यायालय ने सुनाया है। अभियोजन पक्ष से सहायक अभियोजन अधिकारी जितेंद्र कुमार पांडेय के अनुसार वाकया 5/6 मई 2007 की रात का है। जब तत्कालीन एसओ बरला मनीष कुमार सक्सेना गश्त पर थे। तभी उन्होंने एक ग्रामीण की सूचना पर तीन लोगों को गोकशी करने की कोशिश करते समय गाय सहित रंगेहाथ पकड़ा था। गाय बंधी मिली थी और उनके हाथों में छुरे आदि बरामद हुए थे। मामले में पकड़े गए आरोपियों निजाम, आबिद व जहीर निवासी सराय बरला को सात-सात साल सजा व तीनों को अलग-अलग 5 हजार 50 रुपये जुर्माने से दंडित किया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें