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UP: वैश्यावृत्ति से लेकर क्रिकेट सट्टा तक, दिल्ली-लखनऊ से नेताओं के आ रहे कॉल, पुलिस दिखा रही लाइव करतूत

Mon, 16 Mar 2026 02:52 PM IST
Sharukh Khan अभिषेक शर्मा, अमर उजाला, अलीगढ़

सार

अलीगढ़ महानगर के अतिव्यस्त सराय हकीम इलाके में बृहस्पतिवार को भाजयुमो के दो गुटों में गैंगवार के दौरान 40 राउंड से ज्यादा फायरिंग की घटना अब भाजयुमो के आपराधिक व अवैध गतिविधियों वाले पदाधिकारियों पर तगड़े प्रहार का संकेत दे रही है।
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Aligarh Gangwar Case - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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अलीगढ़ के सराय हकीम में बीते बृहस्पतिवार को भाजयुमो के दो गुटों में गैंगवार पर कार्यकर्ताओं को बचाने के लिए सियासी सिफारिशें आना शुरू हो गई हैं। दिल्ली से लेकर लखनऊ तक से पुलिस अधिकारियों के पास फोन कॉल आ रहे हैं, लेकिन जैसे ही अफसर एक के बाद एक सबूत गिनाना शुरू करते हैं तो उधर से आने वाली आवाज के स्वर भी धीमा होने लगते हैं।
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दूसरी ओर प्रदेश संगठन ने गोपनीय तरीके से इस घटना को लेकर रिपोर्ट तैयार करना शुरू कर दिया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि घटना के बाद से कॉल खूब आ रहे हैं। कुछ नेता गोपनीय तरीके से मिलने भी आए लेकिन वहां भी जब भाजयुमो के नेताओं की लाइव करतूत दिखाई गईं तो सब अपना बचाव करते हुए वापस लौट गए।
 

एक अधिकारी ने यहां तक बताया कि घटना के कुछ ही समय बाद पूरी रिपोर्ट लखनऊ तक भेज दी, जिसमें मौके पर मिले 30 से ज्यादा खोखे का वीडियो भी शामिल है। चूंकि इस घटना पर शहर में चर्चा और बाजार सुरक्षा को लेकर दहशत है। 

 

ऐसे में पुलिस ने भी तगड़ा प्रहार करना शुरू कर दिया है। इस झगड़े के मूल में आई अवैध कारोबार (आईपीएल, सट्टा, गांजा-चरस, हथियार सप्लाई, वैश्यावृत्ति, जमीनी विवाद) की जानकारी भी साझा की गई।

संगठन में इन नेताओं पर दर्ज हैं अपराध
अध्यक्ष अमन गुप्ता व कुछ साथियों पर लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान बसपा की ओर से विवाद की रिपोर्ट दर्ज। मंत्री शशांक पंडित, हर्षद हिंदू, योगेंद्र योगी, अक्षय प्रताप सिंह, मंडल अध्यक्ष यश गोयल पर आपराधिक प्राथमिकी दर्ज। जिनमें शशांक पर हिस्ट्रीशीट व गैंगस्टर तक दर्ज। 

 

हर्षद पर कुछ अपराध कमेटी में आने से पहले व कुछ कमेटी में आने के बाद दर्ज हुए। कई अपराध पुलिस से टकराव के दर्ज हैं। उपाध्यक्ष अमित गोस्वामी पर विश्वविद्यालय आंदोलन व जिन्ना आंदोलन के अपराध 2018 तक दर्ज हुए थे। इसके अलावा ठेकेदारी या भूमि व्यापार आदि से जुड़े आधा दर्जन प्रमुख व छोटे पदाधिकारी ऐसे हैं, जिनसे जुड़े कुछ विवाद पुलिस तक पहुंचे। बाद में मामले निपटवाए गए।

पड़ोसी जिलों के युवा कार्यकर्ताओं से जांच करा रहा संगठन 
सबूतों के चलते लखनऊ ने शहर के नेताओं और संगठन पर भरोसा नहीं जताया। पड़ोसी जिलों के युवा मोर्चा के पदाधिकारियों से गोपनीय जांच कराई जा रही है। ताकि यह पता चल सके किस पर कब-कब किस प्रवृत्ति या प्रकार के अपराध दर्ज हुए। 

 

भाजयुमो से जुड़ने के बाद कितने हुए और उससे पहले कितने दर्ज थे। इस बीच लोक सभा चुनाव से पहले सासनी गेट पर हत्याकांड के बाद गोली कांड प्रकरण भी फिर से जिंदा हो गया है क्योंकि इनमें से कुछ नाम तब भी चर्चाओं में आए।

 

बहरहाल, संगठन से संकेत मिले हैं कि बहुत जल्द आरोपियों को बर्खास्त किया जाएगा और इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए पुलिस पर दबाव भी नहीं बनाया जाएगा।

 

इसे लेकर भाजयुमो महानगर अध्यक्ष अमन गुप्ता इतना ही कहते हैं कि हमसे जो भी पूछा गया या मांगा गया। वह हमने शीर्ष नेतृत्व को बता दिया है। बाकी जो निर्णय या निर्देश होगा, उसका पालन किया जाएगा।
 

ये बोले पुराने पदाधिकारी
भाजपा या भाजयुमो एक अनुशासित दल है। इसकी पहली पाठशाला यही है। हमारे समय में भी कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों के बीच विवाद होते थे। मगर ये सब वरिष्ठों के सहयोग व आपसी समन्वय से मिलकर निपटाए जाते हैं। विवादों को सड़क पर नहीं आने दिया जाता।- निखिल माहेश्वरी, पूर्व महानगर अध्यक्ष भाजयुमो

 

भाजपा व भाजयुमो के अनुशासन में यह तक शामिल है कि आप सार्वजनिक रूप से कोई निजी शौक तक पूरा नहीं कर सकते। इसी अनुशासन के दम पर पार्टी संगठन यहां तक पहुंचा है। मगर अब नेतृत्व में ऐसा नहीं हो पाता। हमारे समय में समन्वय के चलते ये सब संभव नहीं था।-चंद्रमणी कौशिक, पूर्व जिलाध्यक्ष भाजयुमो
 
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सोशल मीडिया पर पक्ष-प्रतिपक्ष पर पोस्ट जारी
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर पक्ष व प्रतिपक्ष में पोस्ट आना जारी है। कुछ लोग इस घटना में हुई कार्रवाई को यह कहकर थामने की बात कह रहे हैं कि जो अपराध हुआ। उसमें आरोपी जेल भेज दिए गए। कोई आदतन अपराधी नहीं है। इसलिए अब इससे अधिक कार्रवाई अनुचित होगी। साथ में जिस तरह गाड़ी से उतारते समय लंगड़ाते व हाथ जोड़ते का वीडियो वायरल हुआ है। उसमें पुलिस पर थर्डडिग्री का आरोप लगाया जा रहा है। उसकी निंदा हो रही है। वहीं कुछ लोग इस तरह के गंभीर अपराध में गैंगस्टर, रासुका से लेकर बुलडोजर तक की कार्रवाई की मांग उठा रहे हैं।
 
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