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उपभोक्ताओं में आक्रोश: प्रीपेड स्मार्ट मीटर ने तीन गुना तक बढ़ाया बिजली का बिल, अधिकारी नहीं उठा रहे फोन

Mon, 16 Mar 2026 10:53 AM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

बिजली विभाग के इस आटो कट के चक्कर में सबसे ज्यादा परेशान कर्मचारी हैं। कारण बिजलीघरों पर एसडीओ व जेई न के बराबर मिलते हैं। एसएसओ और लाइनमैन व पेट्रोल मैन बिजलीघरों पर रहते हैं। ऐसे में बिजली बिल जमा करने और जोड़वाने की समस्या लेकर वह इन्हीं के पास पहुंचते हैं।
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स्मार्ट मीटर - फोटो : प्रतीकात्मक
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विस्तार
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अलीगढ़ के नौरंगाबाद की 62 वर्षीय ओमवती देवी नातिनी के साथ रावण टीला बिजलीघर पर उधार रुपये मांग कर बिल जमा करने पहुंचीं। आधा घंटा विभाग व सरकार को कोसते हुए बोलीं लल्ला पहले 900 से 1200 रुपये का हर महीने बिल आता था। अब सात हजार रुपये आ रहा है। ऊपर से 1000 रुपये रिचार्ज के जमा करा लिए हैं, मगर बिजली अभी तक नही आई। यह व्यथा सिर्फ एक उपभोक्ता की नहीं बल्कि सैकड़ों उपभोक्ता इस बड़ी समस्या जूझ रहे हैं। जिनका दर्द अमर उजाला के कैमरे के सामने निकला।

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शहर के सुदामापुरी, रावणटीला, धनीपुर और भुजपुरा सहित कई बिजलीघरों पर सुबह से ही बिजली का बिल जमा करने के लिए उपभोक्ता काउंटर पर नजर आए। कई स्थानों पर उपभोक्ताओं के गुस्से का शिकार होना पड़ा। उपभोक्ताओं ने मीटर तेज चलने, गलत रीडिंग या लोड बढ़ने जैसी समस्याएं बताई गई। मीटर की जांच या शिकायत दर्ज कराने पर विभागीय अधिकारी फोन नहीं उठाते या कार्यालय में कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं मिलता। उपभोक्ता बिजली विभाग की कार्रवाई और लचर नीति से परेशान हैं। प्रीपेड स्मार्ट मीटर में बैलेंस खत्म होते ही बिजली कटने की व्यवस्था लागू होने से लोग तनाव में आ गए हैं। उपभोक्ता उप केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं मिल पा रहा।

सामान्य मीटर होने पर बिजली का बिल 2000 से 2200 रुपये प्रति माह आता है। जब से प्रीपेड स्मार्ट लगा है, बिल बढ़ कर 4000 से ऊपर पहुंच गया है। कनेक्शन कटने पर जब बिल के बारे में जानकारी ली तो 11000 बकाया बताया। जिसमें पांच हजार पुराना बकाया बताया गया। इसके बारे में कोई जानकारी पहले नहीं दी गई थी।-राहुल शर्मा, न्यू विष्णु पुरी
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शनिवार की शाम को अचानक बिजली गुल हो गई। पूछने पर बताया कि बकाया है। चेक किया तो करीब 4000 बकाया था। पहले 1300 से 1500 रुपये बिल आता था। तीन गुना से ज्यादा बिल आने के बारे में विभाग भी कुछ नहीं बता पा रहा है। बकाया जमा कर 100 का रिचार्ज कर दिया मगर बिजली नहीं आई।-सोनू गुप्ता, गोविंद नगर
घर पर रिश्तेदार आ रहे हैं, कल दोपहर से बिजली गुल है। बिजली घर आने पर पता चला कि सात हजार बकाया है। जैसे-तैसे जुगाड़ कर बकाया जमा करने के साथ रिचार्ज कराया। बिजली जोड़ने के लिए बिल कर्मचारियों को दिया है, मगर बिजली अभी तक आई नहीं है।-ओमवती देवी, नौरंगाबाद
बकाया बिजली का बिल जमा करने आया। रावण टीला बिजली घर पर कर्मचारी ने आन लाइन जमा करने के लिए 10 रुपये अधिक मांगा। बाद में कैश लाकर जमा किया। बताया कि वालेट से पैसा कटता है, जिसका भुगतान उपभोक्ता को करना पड़ता है। - अखिलेश यादव, संजय गांधी कालोनी
27 फरवरी में 6000 रुपये बिजली का बिल जमा किया। 14 मार्च को फिर बिजली गुल कर दी। जानकारी किया तो 6000 रुपये फिर बिजली का बिल आ गया। पहले इतना बिल नहीं आता था। शिकायत करने पर अधिकारी समाधान नहीं करते। स्मार्ट मीटर ने परेशान कर दिया है। - गजेंद्र पाल सिंह, गोविंद नगर
स्मार्ट मीटर से अधिक बिजली का बिल आ रहा है। पहले बिजली का बिल महीने का तीन हजार रुपये आता था। जबसे स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगा है तबसे बिल बढ़कर छह हजार रुपये पहुंच गया है। - बॉबी, खिरनी गेट
मैसेज आए या न आए, बिजली का बिल जमा करने की जिम्मेदारी उपभोक्ता की है। इसके लिए उपभोक्ता को यूपीपीसीएलओआरजीडॉटइन पर जाकर खुद ही अपने बिल को चेक करना होगा। शून्य होने से पहले उपभोक्ताओं की बिजली आटो कट हो जाएगी। - मो. इमरान, एक्सईएन, राजस्व

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कर्मचारी भी हैं परेशान
बिजली विभाग के इस आटो कट के चक्कर में सबसे ज्यादा परेशान कर्मचारी हैं। कारण बिजलीघरों पर एसडीओ व जेई न के बराबर मिलते हैं। एसएसओ और लाइनमैन व पेट्रोल मैन बिजलीघरों पर रहते हैं। ऐसे में बिजली बिल जमा करने और जोड़वाने की समस्या लेकर वह इन्हीं के पास पहुंचते हैं। मगर इनके बाद उनके किसी भी सवाल का जवाब नहीं होता है। ऐसे में गुस्साए लोगों का यह शिकार बनते है। दो दिनों सभी बिजली घरों का ज्यादा स्टाफ परेशान है।

यह भी जानें
  • शहर में कुल उपभोक्ता-2.78 लाख
  • प्रीपेड स्मार्ट मीटर संख्या- 1.63 लाख
  • सामान्य स्मार्ट मीटर संख्या-1.63 लाख
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