फर्जी आईपीएस अफसर बनकर लोगों को ठगने वाले पिता-पुत्र को पुलिस ने मंगलवार को थाना बन्नादेवी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से डीआईजी रैंक के अधिकारी की प्लेट, उत्तर प्रदेश शासन का मोनोग्राम, गृह मंत्रालय नई दिल्ली के विभिन्न स्टीकर व वाहन पास तथा एनआईए की तरफ से अनुचित तरीके से तैयार की गई जांच आख्या व वॉकी टॉकी, लैपटॉप, टैबलेट आदि गाड़ी से बरामद हुए। पिता-पुत्र की ये जोड़ी नौकरी लगवाने के नाम पर व मुकदमे से नाम निकलवाने के नाम पर ठगी करते थे। बीएचईएल से रिटायर पिता अपने बेटे के डीआईजी होने का हवाला देकर उसकी शादी के नाम पर ठगी को अंजाम देता था।
मंगलवार को एसपी क्राइम डॉ. अरविंद कुमार ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता में बताया कि मंगलवार को बन्नादेवी क्षेत्र के भीकमपुर मोड़ पर पुलिस चेकिंग कर रही थी। तभी वहां से आईपीएस अधिकारी के स्टीकर और बत्ती लगी सफेद रंग की इनोवा क्रिस्टा कार संख्या यूपी 32 एचएस 5291 निकली। आमतौर पर किसी अफसर के मूवमेंट की पहले से पुलिस को सूचना रहती है। इस तरह गाड़ी गुजरने पर शक हुआ। गाड़ी को रोका गया। उसमें ड्राइवर के अलावा अनुज चावला और उसका पिता राजेंद्र चावला निवासी 84-समर विहार, थाना मानक नगर जनपद लखनऊ थे। शुरू में तो इन्होंने आईपीएस अफसर होने का रौब झाड़ा। लेकिन जब अलग-अलग पूछताछ की गई तो असलियत उगल दी और माफी मांगने लगे।
पूछताछ में सामने आया कि अनुज चावला ने देहरादून से एलएलबी की पढ़ाई की थी। अनुज खुद को गृह मंत्रालय, दिल्ली में डीआईजी होने का हवाला देता था, जबकि राजेंद्र चावला बीएचईएल से रिटायर है। वह लोगों से कहता था कि उसका बेटा आईपीएस अफसर है। अनुज चावला के कई लड़कियों से संपर्क होने तथा उनसे शादी तय होने के बाद संबंध बनाने और रिश्ता टूटने की बात भी सामने आई है। पुलिस ने दोनों पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
फर्जी आईपीएस अधिकारी बनकर लोगों के साथ ठगी करने वाले व लड़कियों की जिंदगी बर्बाद करने वाले शातिर पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया गया है। इन दोनों के खिलाफ थाना बन्नादेवी में मुकदमा अपराध संख्या 352/2020 धारा 170/420/466/468/474 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इनको अदालत में रिमांड के लिए प्रस्तुत किया जा रहा है। जिससे और अधिक गहराई से इनसे छानबीन की जा सके और पता लगाया जा सके कि उन्होंने कितने लोगों की जिंदगियां बर्बाद की हैं। कितनी रकम अब तक ठग चुके हैं।
- डॉ अरविंद कुमार एसपी क्राइम
नीली बत्ती लगाकर घूमने वालों के खिलाफ पुलिस चलाएगी अभियान
डीआईजी व आईपीएस अधिकारी के स्टीकर और नीली बत्ती लगाकर घूमने वाले लोगों के खिलाफ अब पुलिस अभियान चलाने वाली है। एसपी क्राइम डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि इस घटना के सामने आने के बाद अब यह सही समय है कि फर्जी तरीके से अपनी पहचान जाहिर करने वाले लोगों के खिलाफ अभियान चलाया जाए। क्योंकि जिले में देखा जा रहा है कि कुछ लोग नीली बत्ती और पुलिस स्टीकर शादी के खुलकर दुरुपयोग कर रहे हैं।
सत्संग में जाकर पिता फंसाता था
राजेंद्र चावला सत्संग में जाया करता था और वहीं अपने बेटे को आईपीएस अधिकारी बताता था। वह सत्संग में इसीलिए जाया करता था क्योंकि वहां पर धार्मिक मत के लोग आसानी से विश्वास करने वाले मिल जाते थे। यहीं से वह अपने बेटे के लिए शादी संबंध की बात चलाता और उनसे पैसा ठगता। इसके अलावा जहां जरूरत होती थी तो बेटा अपने पिता को डीआईजी कहकर प्रस्तुत कर दिया करता था।