फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अलीगढ़ : साक्ष्यों ने कराया सच का सामना...मकसद न था बच्ची लेकर भागना

विज्ञापन
विज्ञापन
महानगर के सिविल लाइंस क्षेत्र में नगर निगम के सामने से मंगलवार शाम बच्ची के कथित अपहरण की कहानी में सीसीटीवी के साक्ष्य व मेडिकल स्टाफ ने परिवार व पुलिस का सच से सामना कराया है। कार सवार युवक अपहरण या किसी अन्य गलत नीयत से बच्ची को लेकर नहीं भागा था।
विज्ञापन

बल्कि वह बच्ची के चोट लगने की गफलत में इस दहशत में आ गया था कि कहीं पब्लिक उसे पीटना शुरू न कर दे। बस इसी डर से वह बच्ची को सीधा मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचा। जहां पीयाडिट्रिक वार्ड में डॉक्टरों को दिखाया।
जब उसके कोई चोट नहीं पाई गई तो वापस बच्ची को उसी स्थान पर छोड़ने आ रहा था। इससे पहले उसे दबोच लिया गया। रात भर हुई पूछताछ के बाद इन साक्ष्यों की तस्दीक होने पर आरोपी को नोटिस देकर छोड़ा गया है। साथ में शर्त रखी गई है कि जब भी पुलिस विवेचना में मदद के लिए बुलाएगी, उसे आना होगा।
विज्ञापन

नगर निगम के सामने कंट्रोल रूम के सहारे सड़क किनारे सो रही मजदूर की दो वर्षीय बेटी का मंगलवार शाम करीब साढ़े चार बजे कार सवार युवक ने अपहरण कर लिया था। हालांकि पुलिस ने एक घंटे के प्रयास में ही बच्ची को कार सहित मेडिकल से निकलते समय इकरा कॉलोनी के पास बरामद कर लिया था। बाद में बच्ची को परिवार को सौंप दिया था।
इस दौरान पकड़े गए कार सवार फैसल महमूद ने रात भर हुई पूछताछ में बताया कि वह अक्सर नगर निगम के सामने मुरारी टी स्टॉल पर चाय पीने जाता है। उसी क्रम में मंगलवार को भी चाय पीने गया था। इस बीच गाड़ी साइड में लगाते व बैक करते समय उसे महसूस हुआ कि बच्ची पिछले पहिया की चपेट में आ गई है। वह जख्मी हो गई है।
इसी बीच उसने बच्ची की मां को चीखते चिल्लाते देख लिया था। इस पर वह डर गया और उसने बिना कुछ सोचे समझे बच्ची को उठाकर कार में डालकर मेडिकल कॉलेज की ओर भागना शुरू कर दिया। इस बीच उसने अपने 108 एंबुलेंस सेवा पर तैनात मित्र सबरेज को भी दो बार कॉल किया।
उसने मेडिकल कॉलेज लेकर जाने की सलाह दी। इस पर वह बच्ची को लेकर सीधे मेडिकल कॉलेज पहुंचा, जहां उसने पियाडिट्रिक वार्ड में डॉक्टरों को दिखाया। जब यह हो गया कि बच्ची के कोई चोट नहीं है तो वह वापस सबरेज की सलाह पर बच्ची को वहीं छोड़ने जा रहा था। इसके बाद बच्ची को परिवार को सौंप दिया गया।
नर्सिंग स्टाफ, दोस्त और टी स्टाल संचालक ने दी गवाही
सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय के अनुसार आरोपी युवक के इस बयान की तस्दीक जेएन मेडिकल कॉलेज पियाडिट्रिक वार्ड के नर्सिंग स्टाफ ने की है। नर्सिंग स्टाफ ने बताया कि वह बच्ची को लेकर आया, चूंकि उसके कोई चोट नहीं थी। इसलिए उसे देखकर बिना पर्चा बनाए उसे वापस कर दिया था।
इसी तरह दोस्त सबरेज ने अपने मोबाइल की दो कॉल रिकार्ड सुनाईं, जिसमें आरोपी से बात हो रही है। बच्ची के चोट लगने, जख्मी होने और मेडिकल ले जाने के तथ्य हैं। साथ में वापसी की सलाह वाली बात भी है। इसी तरह मुरारी टी स्टाल संचालक ने भी पुलिस पूछताछ में गवाही दी है कि वह आरोपी को भली भांति जानता है। आरोपी अक्सर उसके यहां चाय पीने अपनी इसी गाड़ी से आता है।
ये सीसीटीवी साक्ष्य भी आरोपी के पक्ष में खड़े हुए
शाम 4:25 बजे पुलिस को इस घटना की सूचना प्राप्त हुई। इसके बाद तत्काल अपहरण का संज्ञान लेते हुए जिले में एबीसीडी चेकिंग, कमांड कंट्रोल सेंटर की निगरानी कराई गई। पकड़े जाने पर आरोपी के बयानों के पक्ष में सीसीटीवी भी गवाही दे रहे हैं। पुलिस के अनुसार घटना के बाद आरोपी अपनी कार से 4 बजकर 16 मिनट 17 सेकेंड पर पुलिस कंट्रोल रूम के सामने से गुजरा।
इसके बाद वह 4 बजकर 19 मिनट 19 सेकेंड पर एएमयू सर्किल पर कैद पाया। फिर एएमयू के अंदर प्रवेश कर 4 बजकर 16 मिनट 37 सेकेंड पर कैद पाया गया। डक प्वाइंट पर 4 बजकर 20 मिनट 04 सेकेंड पर कैद और फिर मेडिकल की ओर गया है।
निर्धारित समय से 12 मिनट तेज चल रहे जेएन मेडिकल कॉलेज के सीसीटीवी के अनुसार मुख्य गेट पर वह 4 बजकर 34 मिनट 40 सेकेंड पर कैद पाया गया। इसके बाद वह सीधे बच्ची को हाथों में लिए प्रथम तल पर 4 बजकर 38 मिनट 40 सेकेंड पर पियाडिट्रिक वार्ड में डाक्टरों व नर्सों से बात करते हुए कैद है। फिर बच्ची को बाहर लेकर आते हुए कैद है।
- रात भर की जांच, आरोपी के बयान, उनके मिलान व साक्ष्यों से साफ हुआ है कि बच्ची के अपहरण की घटना घटित नहीं हुई। इसके चलते आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। हां, नोटिस जारी कर विवेचना में सहयोग करने व जब भी विवेचक द्वारा थाने पर बुलाया जाए मौजूद होने के निर्देश देकर रिहा किया गया है। बाकी विवेचना अभी जारी है।
विज्ञापन

- कलानिधि नैथानी, एसएसपी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें