कोल विस क्षेत्र
29वें चक्र में 20 हजार मतों से बढ़त बनी थी, लेकिन आखिरी चक्र आते-आते हार गया। यह सब प्रशासन के दबाव में हुआ। छर्रा, अतरौली, कोल प्रत्याशी का आरओ के कक्ष में बार-बार जाना इस बात को पुष्ट करता है। मैं अलीगढ़ जनता का आभारी हूं, जिन्होंने एक लाख से ज्यादा वोट मुझे दिए। जनता के बीच संघर्ष करेंगे। पार्टी का मत प्रतिशत बढ़ा है, जिनकी आंखें नहीं खुली हैं, उनकी आंखें खुल जाएंगी।
- अज्जू इशाक, दूसरा स्थान, सपा प्रत्याशी
जनता-जर्नादन है, उसका आदेश मानना ही पड़ेगा। हार की वजह में एक पहलू यह भी है कि मुझे प्रचार-प्रसार करने का समय कम मिला। सपा और भाजपा में दोनों तरफ खास तबकों ने वोट किया है। दोनों पार्टियों में शुरू से ही मुकाबला दिखाया जा रहा था, उसी हिसाब से जनता ने वोट किया। बहरहाल, जो आदेश शीर्ष नेतृत्व करेगा, उस पर कार्य करेंगे। मैं पार्टी का सच्चा सिपाही हूं।
-मोहम्मद बिलाल, तीसरा स्थान, बसपा प्रत्याशी
शहर विस क्षेत्र
शहर विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं ने जो मत के रूप में प्यार व स्नेह दिया है, उसके लिए उनका तहेदिल से शुक्रिया अदा करता हूं। हर जाति-धर्म का वोट मुझे मिला है। चुनाव में जो जनता ने अपना फैसला सुनाया है, उसका सम्मान करते हैं। पहले की तरह वह जनता के हित में कार्य करते रहेंगे। जनता के सुख-दुख में हमेशा खड़ा रहूंगा।
- जफर आलम, दूसरा स्थान, सपा प्रत्याशी
इस चुनाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से एक तबका डरा-सहमा था। इसलिए उसने एकतरफा वोट दिया। अगर वह वोट मुझे मिला होता तो चुनाव जीत सकती थी। फिर भी मैं जनता का आभार व्यक्त करती हूं, जिन्होंने हजारों वोट दिए। जनता के बीच जाऊंगी। पार्टी के कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों के साथ बैठक करके हार का आंकलन करूंगी। कहां कमी रह गई, इस पर विचार मंथन होगा।
- रजिया खान, तीसरा स्थान, बसपा प्रत्याशी
इगलास विस क्षेत्र
इगलास की जनता ने जो आदेश दिया है, उसे स्वीकार करते हैं। जब तक इलेक्ट्रिक वोटिंग मशीन का खेल चलेगा, तब तक जो भाजपा सरकार चाहेगी, वही करेगी। हार के और क्या कारण हैं, इसकी समीक्षा पार्टी के कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों के साथ करेंगे। इगलास की जनता के मध्य रहकर उनकी सेवा करता रहूंगा। जनसेवा करने से पीछे नहीं हटूंगा।
-वीरपाल दिवाकर, दूसरा स्थान, रालोद प्रत्याशी
जनता का फैसला स्वीकार है। हार का कारण चुनाव के दौरान ही प्रत्याशी घोषित होने से जनता के मध्य नहीं पहुंच सका। पार्टी की नीतियों को जनता तक नहीं पहुंचा पाया। उत्तर प्रदेश में लोगों को मुफ्त में राशन मिलने से वह उत्तर प्रदेश सरकार से प्रभावित हो गए। फिर भी जनता ने मुझे भरपूर प्यार दिया है। मैं जनता के दुख दर्द में शामिल होकर पार्टी की नीतियों के अनुरूप काम करता रहूंगा।
- सुशील कुमार, तीसरा स्थान, बसपा प्रत्याशी
छर्रा विस क्षेत्र
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में इस बार क्षेत्र में दो तरह के मतदाता थे। एक भाजपाई तो दूसरे भाजपा विरोधी। चूंकि उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विकल्प माना जा रहा था। इसलिए गैर भाजपाई वोट सीधे-सीधे समाजवादी पार्टी में चला गया, जिसमें बहुतायत वोट बहुजन समाज पार्टी का था। हार का आकलन और मूल्यांकन किया जाएगा।
- तिलकराज यादव, तीसरा स्थान, बसपा प्रत्याशी
अतरौली विस क्षेत्र
पार्टी ने मुझे टिकट जरूर दिया, लेकिन चुनाव लड़ने के लिए अकेला छोड़ दिया। बड़े नेताओं से सभा के लिए कई बार अनुरोध किया, लेकिन वह सभा करने के लिए नहीं आए। राष्ट्रीय पार्टी का प्रत्याशी होने के बाद भी मुझे निर्दलीय की तरह चुनाव लड़ना पड़ा। जनता ने मुझे वोट भले नहीं दिया, लेकिन हर जगह प्यार भरपूर मिला।
- डॉ. धर्मेंद्र लोधी, तीसरा स्थान, कांग्रेस प्रत्याशी
बरौली विस क्षेत्र
इलेक्ट्रिक वोटिंग मशीन में सोची समझी रणनीति, जिस पर वोट पड़ना था, उस पर नहीं पड़ा। बसपा का परंपरागत वोट भी खिसक गया। बरौली की जनता के लिए सदैव खड़े हैं। बरौली विधानसभा क्षेत्र की जनता का भरपूर सहयोग मुझे मिला है, उसके लिए जनता का आभार व्यक्त करते हैं। जनता ने जो निर्णय दिया है, उसका सम्मान करते हैं।
- नरेंद्र शर्मा, दूसरा स्थान, बसपा प्रत्याशी
विधानसभा चुनाव में समय का अभाव रहा। भाजपा ने कोरोना काल में जनता को मुफ्त में गेहूं, चावल दिया, उसका काफी असर रहा। बरौली की जनता का आशीर्वाद मिला। इसके लिए जनता का धन्यवाद व्यक्त करते हैं। जनता के हर सुख-दुख में हमेशा उनके साथ खड़ा हूं। जनादेश का सम्मान करते हैं
- प्रमोद गौड़, तीसरा स्थान, रालोद प्रत्याशी