जिले की अधिकांश विकास परियोजनाएं खैर रोड पर होने के कारण कोल और खैर तहसीलों के गांव तथा सड़क किनारे जमीनों के रेट बेतहाशा बढ़ गए हैं। जिला प्रशासन पांच साल बाद एक अगस्त 2022 से सर्किल बढ़ाने की तैयारी में है। इसी दृष्टि से इन दिनों लोग तेजी से जमीनों के बैनामा करा रहे हैं। स्थिति यह है कि इन मई के महीने में दो गुना से अधिक बैनामा हो गए हैं।
पिछले साल मई के महीने में 2299 बैनामा हुए थे। इस साल सर्किल रेट बढ़ने की आहट दो गुने से अधिक 5176 बैनामे हुए हैं। इनमें तहसील खैर के उपनिबंधक कार्यालय में 643, गभाना में 308, अतरौली में 351, कोल प्रथम 1709, द्वितीय 1017, तृतीय 880, इगलास में 266 बैनामा हुए हैं। जबकि पिछले साल खैर में 312, गभाना में 118, कोल प्रथम में 714, द्वितीय 458, तृतीय में 478, इगलास में 219 बैनामा हुए थे।
यहां है बढ़ोतरी का प्रस्ताव
कोल तहसील के कस्बा लोधा, मूसेपुर, जिरौली डोर के आसपास राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्व विद्यालय की स्थापना की गई है। इसी के चलते लोधा, करसुआ, मूसेपुर, जिरौली से सटे हुए गांवों की जमीन के दामों में ज्यादा वृद्वि हो गई है। जिसकी वजह से इन गांवों की जमीन के सर्किल रेटों में वृद्वि प्रस्तावित की गई है।
गांव ल्हौसरा विसावन में ट्रांसपोर्ट नगर प्रस्तावित है। इनसे सटे गांव हरदासपुर, वाजीदपुर, नांदा, रुस्तमपुर, ताजपुर रसूलपुर की जमीनों के रेट में वृद्धि प्रस्तावित होने के कारण ज्यादा बैनामा हो रहे हैं। इसी तरह गांव करसुआ की जमीन में डिफेंस कॉरिडोर की स्थापना के बाद से यहां की जमीन काफी मंहगी हो गई है।
यहां के गांव कीरतपुर निमाना, महरावल, सिंकदरपुर, भुकरावली, ताजपुर रसूलपुर, हरदासपुर, रूस्तमपुर, सकत खां, तालसपुर खुर्द, इब्राहिमाबाद, नौगवां अर्जुन, अमरपुर कोंडला गांवों में जमीन के दामों में वृद्वि प्रस्तावित है। जीटी रोड, हाईवे, यमुना एक्सप्रेस वे, सभी राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग, जिला मार्ग और उनके लिंक मार्ग शामिल हैं।
- कोरोना काल में जमीनों का कारोबार काफी सुस्त रहा है। अब तहसीलों में बैनामा की संख्या बढ़ रही है। जिसके कारण राजस्व में भी बढ़ोतरी हुई है। सर्किल रेट बढ़ाने के बारे में सुझाव एवं आपत्तियां भी मांगी गई हैं। इसके बाद डीएम की अध्यक्षता में गठित कमेटी आपत्तियों का निस्तारण कर नई रेट लिस्ट लागू कर सकती है।
- ज्ञानेंद्र कुमार, एआईजी स्टांप