राजस्थान से अलीगढ़ आए हुए प्रवासियों को उनके जनपदों तक भेजने के लिए जिले को नोडल केंद्र बनाया गया है। इसके चलते प्रशासन मथुरा-बरेली मार्ग पर आने-जाने वाले लोगों को स्पोर्ट्स स्टेडियम में लाकर बसों द्वारा उनके शहरों तक भेजने का काम कर रहा है।
यहां प्रवासियों के रुकने के लिए तंबू लगाए गए हैं। प्रवासियों की यहां पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। रविवार को यहां ठहरे प्रवासी मजदूरों का हाल पूछने के लिए डीएम खुद पहुंचे। उन्हें देखते ही वहां मौजूद प्रवासी मजदूरों का दर्द छलक पड़ा।
डीएम द्वारा पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि साहब, 17 घंटे हो गए, खाने की कोई व्यवस्था नहीं है। इससे प्रवासियों की दशा और व्यवस्था की सच्चाई स्पष्ट हो गई।
स्पोर्ट्स स्टेडियम में रविवार को कई शहरों के सैकड़ों प्रवासी एकत्रित हुए, लेकिन कुछ शहरों के कम लोग होने की वजह से उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ी। प्रवासियों ने बताया कि प्रशासन द्वारा एक बस में एक शहर के करीब 50 लोगों को ले जाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि उनके शहर के अधिक लोग नहीं हैं, इसलिए वे अपने शहर के अन्य लोगों का आने का इंतजार कर रहे हैं। रविवार की दोपहर को प्रवासियों का हालचाल पूछने के लिए डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार, एडीएम जेपी सिंह, एसडीएम सदर रामजी मिश्र, सीडीओ आरबी भास्कर व स्वास्थ विभाग के लोग उनके पास पहुंचे।
कई प्रवासियों ने डीएम को बताया कि उन्हें यहां स्टेडियम में आए हुए 17-18 घंटे हो गए, लेकिन उनके खाने की व्यवस्था अभी तक किसी ने नहीं की है। खाना मांगने वालों के साथ खाना देने वाले लोग अभद्र व्यवहार करके वहां से भगा रहे हैं।
स्टेडियम में कई जगहों पर खाने की भी बेकद्री की जा रही है। कुछ लोग खाने के पैकेटों को फील्ड में फेंक गए। जिसे सफाई कर्मी जगह-जगह से उठाकर ले जा रहे हैं। सफाई व्यवस्था को लेकर भी सफाई कर्मचारी जगह-जगह लगे हुऐ हैं।