अलीगढ़ के डीएम इंद्र विक्रम सिंह मालवीय पुस्तकालय में संचालित सिविल सर्विसेज मार्गदर्शिका में युवाओं से रूबरू हुए। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को डीएम ने भौतिक विज्ञानी स्टीफन हॉकिंग, क्रिकेट के उभरते सितारे रिंकू सिंह और हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 12वीं फेल के उदाहरण देकर प्रोत्साहित किया और सफलता के टिप्स दिए।
डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि रोशनी फ़ैलाने के लिए आवश्यक नहीं कि आप सूरज ही बनो, दीपक और जुगनू बनकर भी आप अपने हिस्से की रोशनी से वातावरण को रोशन कर सकते हैं। जब तक जीवन तकलीफों से भरा न हो, वह जीवन कैसा। दुरुहतायें व्यक्ति को जीवन में नए मार्ग दिखाती हैं। एक व्यक्ति को जब आसानी से कुछ मिल जाता है तो उसे जीवन भर कसक रहती है कि वह कुछ कर नहीं पाया। वह इससे अच्छा भी कर सकता था, परंतु वहीं जब दूसरा व्यक्ति संघर्ष के बाद कुछ हासिल करता है तो उसको हासिल हुई वस्तु की कीमत पता होती है और फिर वह उसके साथ न्याय करता है, जिम्मेदारी दिखता है। जीवन की दुरुहतायें, तकलीफें व्यक्ति को बेहतर बनाती हैं। इसलिए तकलीफों और परेशानियों से कभी घबराना नहीं है।
डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने अभ्यर्थियों के सवालों के उत्तर देते हुए उनकी जिज्ञासाओं को भी शांत किया। उन्होंने बताया कि लगभग 50 लाख से अधिक की लागत से जल्द ही ऐतिहासिक धरोहर मालवीय पुस्तकालय का कायाकल्प कराया जाएगा। जीवन में नकारात्मकता कभी नहीं लानी चाहिए, लेकिन मानव स्वभाव है यदि असफल होने पर कभी मन में नकारात्मकता का भाव आता भी है तो उसे ज्यादा देर ठहरने नहीं देना है। दर्द या तकलीफ सार्वजनिक करने की नहीं बल्कि बर्दाश्त करने के लिए होते हैं। जीवन में जब चारों तरफ अंधियारा हो तो सब कुछ ईश्वर पर छोड़कर यात्रा आरंभ करनी चाहिए। यात्रा ही आपका पुरस्कार है।
एक छात्रा ने कहा कि उसके पापा कहते हैं कि जिला मजिस्ट्रेट जिले का राजा होता है। क्या यह सच है? इस पर इन्द्र विक्रम सिंह ने कहा कि यह आधा सच है। पूरा सच यह है कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधि नियम कानून, योजनाएं बनाते हैं और जिला मजिस्ट्रेट लोक सेवक के तौर पर उनका संचालन करता है। पात्र एवं जरूरतमंदों को योजनाओं का लाभ दिलाता है। जहां सख्ती करने की आवश्यकता होती है वहां पर सख्ती भी दिखता है।
वहां यूपीपीएससी का साक्षात्कार दे कर लौटे सचिन कुमार, विवेक शर्मा, यूपी ट्रिपल एससी से लेखपाल के लिए चयनित दीपिका गुप्ता, मनिंदर सिंह, रवि कुमार सोलंकी, सोनू कुशवाह ने भी अपने अनुभव साझा किए। इस दौरान राजवीर सिंह, रिंकू सहयोगी, मालवीय पुस्तकालय के सहसचिव अरुण सिंह, एडीआई सन्दीप कुमार, पंकज कुमार, राहुल प्रधान, अंकुर कुमार, शुभम कपूर, प्रदीप कुमार, कोमल कुमार आदि मौजूद रहे।