गोवर्धन पूजा के अवसर पर प्रतिवर्ष सराय हकीम से मेला महाकाली संघ द्वारा निकाले जाने वाले काली मेले को लेकर शुक्रवार देर रात सराय हकीम में विवाद हो गया। यहां कुछ लोग सराय हकीम के अन्य गली-मोहल्ले और बाजारों में काली को ले जाना चाहते थे। जबकि काली के स्वरूप में सम्राट फर्नीचर के स्वामी नीरज वार्ष्णेय 12 घंटे से शहर के बाजारों में घूम रहे थे।
देर रात थकने पर वह मेला खत्म कर वापस चले गए थे। हालांकि भीड़भाड़ इकट्ठा होने पर पुलिसकर्मियों ने लोगों को समझाबुझाकर मामले को शांत किया। बता दें कि सराय हकीम से प्रतिवर्ष मेला महाकाली संघ दीपों के उत्सव के मौके पर काली मेला निकालता हुआ आया है। भाजपा उपाध्यक्ष व मेला संयोजक संजय गोयल के संयोजन में इस मेले का शुभारंभ शुक्रवार सुबह 11 बजे के लगभग हुआ।
शहर विधायक संजीव राजा, कोल विधायक अनिल पाराशर व भाजपा महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत ने काली का खप्पर भरकर उद्घाटन किया। इसके बाद रघुवीर पुरी, सराय लवरिया, सराय हकीम, लक्ष्मीपुरी, बाजार सराय हकीम, अशोक नगर होते हुए सराय हकीम में इसका समापन हुआ, लेकिन इस दौरान सराय हकीम बाजार और गली-मोहल्ले के लोग पहुंचे कि मेला हमारे यहां निकले।
रात के 11 बजने और पुलिस की मौजूदगी के चलते मेले का समापन किया जा रहा था। इस दौरान लगातार 12 घंटे से काली के स्वरूप धारण किए सम्राट फर्नीचर के स्वामी नीरज वार्ष्णेय भी थक हारकर रवाना होने लगे। स्वरूप उतारते ही भीड़ हंगामा करने लगी कि काली मेला उनके यहां भी पहुंचना चाहिए।
ऐसे कैसे स्वरूप को उतार सकते हैं। यहां कई लोगों ने समझाया कि 12 घंटे से नीरज काली के स्वरूप में थक गया है। देर रात की अनुमति भी नहीं है। पुलिस भी कह रही है कि मेला बंद करो। आयोजकों के साथ पुलिसकर्मियों के समझाने मामला शांत हुआ।