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Consumer court: उपभोक्ता अदालत का फैसला, नई कार दें, नहीं तो मूल कीमत का ब्याज समेत करना होगा भुगतान

Sat, 19 Oct 2024 02:26 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

पीड़ित ने टोयोटा इनोवा क्रिस्टा खरीदी थी। वह व्यापारिक दौरे पर हिमाचल प्रदेश जा रहे थे, तभी रास्ते में गाड़ी का इंजन अचानक गर्म हो गया। जिस कारण उन्हें अपनी व्यापारिक बैठक रद करनी पड़ी। 
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जिला उपभोक्ता फोरम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नई कार में खराबी आने पर कंपनी स्तर से समस्या का समाधान नहीं करने पर उपभोक्ता अदालत ने कंपनी को नई कार देने का आदेश दिया है। आदेश आयोग के अध्यक्ष न्यायाधीश हसनैन कुरैशी, सदस्य आलोक उपाध्याय व पूर्णिमा सिंह की संयुक्त पीठ ने निर्देश दिया है कि कंपनी या तो एक माह में कार बदलकर नई कार दे या फिर मूल कीमत का ब्याज सहित भुगतान करे।

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थाना बन्नादेवी क्षेत्र के आईटीआई रोड स्थित इंडस्ट्रीयल स्टेट के आर्टवेयर कारोबारी किशन गोपाल शर्मा ने जिला उपभोक्ता अदालत में एक अपील दायर की थी। जिसमें श्री तुलजा भवानी ऑटोमोबाइल्स प्रालि. नौगांव शिवपुरी लिंक रोड ग्वालियर मध्य प्रदेश, टोयोटा क्रिर्लोस्कर मोर्टर्स प्रालि. हेड ऑफिस बिदादी राम नगर कर्नाटक व मस्कट टोयोटा मस्कट एस्टेट जीटी रोड अलीगढ़ को विपक्षी बनाया।

आरोप लगाया कि उन्होंने 21 मार्च 2022 को टोयोटा इनोवा क्रिस्टा 24 वीएक्स 85 ग्वालियर की फर्म से खरीदी थी। 17 मार्च 2023 को वह व्यापारिक दौरे पर हिमाचल प्रदेश जा रहे थे, तभी रास्ते में गाड़ी का इंजन अचानक गर्म हो गया। जिस कारण उन्हें अपनी व्यापारिक बैठक रद करनी पड़ी। रास्ते में कंपनी के अधिकृत स्टेशन पर दिखाया तो बताया गया कि इंजन में प्रदूषण नियंत्रित करने वाला डीपीएफ सिस्टम गड़बड़ हो गया है। गाड़ी अब हर 200 से 300 किमी चलने पर ऐसे ही गर्म होगी। ऐसे में कार चलाना ठीक नहीं है।

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उन्होंने वापस आकर कार की मरम्मत कराई। मगर छह सितंबर को फिर यह समस्या हुई। इस पर अलीगढ़ में अधिकृत स्टेशन पर दिखाया तो यहां मरम्मत के बाद आश्वासन दिया गया कि अब भविष्य में खराबी नहीं आएगी। इसके बाद भी यह समस्या बनी रही। हेड ऑफिस में शिकायत के बाद भी जब समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उन्होंने उपभोक्ता अदालत की शरण ली।

इस मामले में हेड ऑफिस से अदालत में जवाब दिया गया कि उन्होंने कार बनाई है, बाकी अधिकृत विक्रेता व सर्विस प्रदाता हैं। इसलिए उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं है। इतने कम समय में इतनी गाड़ी चली है और इस तरह उत्पाद गर्म होना सामान्य बात है। मगर अदालत ने माना कि बार-बार एक ही समस्या आई और उसका समाधान नहीं हो पाया। इसलिए कहीं न कहीं उस वाहन के निर्माण में तकनीकी खामी है।

इस मामले में अदालत ने फैसला सुनाते हुए अलीगढ़ के अधिकृत सर्विस प्रदाता मस्कट टोयोटा को मुकदमे से अलग किया और कार बेचने वाली ग्वालियर फर्म व निर्माता कर्नाटक फर्म को यह आदेश दिया है कि एक माह में या तो पुरानी कार बदलकर नई कार दें, या फिर उसकी कीमत रकम कुल 22 लाख 70 हजार 178 रुपये का अपील दायर करने की तारीख से भुगतान करने की तारीख तक नौ फीसदी ब्याज सहित भुगतान करें। साथ में पांच लाख रुपये आर्थिक क्षति व 35 हजार रुपये वाद व्यय का भुगतान करें।
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