न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
कोरोना की दो लहरों से पैदा हुए हालात से हर कोई परिचित है। इसके बावजूद लोग कोविड रोधी टीका लगवाने से बच रहे हैं, जबकि हकीकत ये है कि हमारे देश में तीसरी लहर में संक्रमण के असर और मृत्यु दर में कमी आई है, जो सिर्फ कोविड रोधी टीके की वजह से संभव हुआ है, जिन लोगों ने टीका लगवाया है, उन लोगों पर संक्रमण का कोई असर नहीं दिखाई दिया। ये बात उन लोगों के समझ में आ जाए, जिन्होंने टीके नहीं लगवाए हैं तो हमारा समाज पूरी तरह सुरक्षित होगा। ये कहना है उन विषय विशेषज्ञों का, जो लगातार कोविड रोधी टीकाकरण को लेकर समाज को जागरूक करने का काम कर रहे हैं।
कोविड रोधी टीकाकरण के उप जिला प्रतिरक्षण अधिकारी शरद गुप्ता कहते हैं कि समाज को लगातार जागरूक किया जा रहा है। आशा व एएनएम गांव-गांव और बस्ती-बस्ती घूम रही हैं। जिन लोगों के टीके नहीं लगे हैं, उनके नाम पते संकलित कर उन्हें फोन किए जा रहे हैं। अब तक जो बात सामने आई है, वह यही कि हमसे किसी ने कहा नहीं, इसलिए हमने टीका नहीं लगवाया। टीनएज वर्ग में स्कूल बंद होने के कारण टीकाकरण की रफ्तार में कमी समझ में आई। अब स्कूल खुल गए हैं।
लगातार स्कूलों के जरिये टीका कारण रफ्तार बढ़ाने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने बताया कि पहली और दूसरी डोज के बाद बूस्टर डोज लगाकर ही कोरोना से लोगों की जान बचाई गई। टीकाकरण अभियान अब भी जारी है। स्वस्थ समाज और स्वस्थ देश के लिए जरूरी है कि प्रत्येक व्यक्ति कोरोना का टीका लगाएं। ताकि वह स्वयं स्वस्थ रहे और समाज को भी इस बीमारी से बचाया जा सके। संवाद
- आपके आस-पास के जो लोग रह गए हैं, उनको भी टीका लगवाने के लिए प्रेरित करें। सतर्कता के साथ-साथ दोनों डोज लगना कोविड के संक्रमण से बचने का उपाय है। अब कोरोना धीरे-धीरे अपना असर फिर दिखा रहा है। इसलिए हमें जरूरत है कि सतर्क रहें। ज्यादा जरूरत है, लोगों को कोविड रोधी वैक्सीन लगवाने की। जिनको अभी तक एक भी टीका नहीं लगा है, वह लोग अवश्य टीका लगवाएं। - डॉ. नीरज त्यागी, सीएमओ
- स्वास्थ्य विभाग लगातार इस पर विशेष कार्य कर रहा है और जनपद में कोविड सेंटरों पर कोविड की जांच भी कराई जा रही है, जिन लोगों में कोरोना संक्रमण पाया गया है, उन लोगों को अस्पताल में भर्ती करा दिया है और दो व्यक्ति ऐसे भी हैं, जिनको होम आइसोलेट किया गया है। इस बीमारी का एक मात्र उपचार सावधानी के साथ-साथ कोविड टीकाकरण है। इसलिए टीका जरूर लगवाएं। - डॉ. राहुल कुलश्रेष्ठ, कोविड सैंपलिंग प्रभारी।
- स्वास्थ्य विभाग लगातार कोविड को हराने में जुटा हुआ है। इसलिए कोविड संक्रमण से खुद भी बचें और दूसरों को भी बचाएं। इसके साथ ही जल्द से जल्द कोरोना रोधी टीका जरूर लगवाएं। जिन लोगों ने वैक्सीन लगवाई, उन्होंने कोरोना जंग जीत ली। इसी रफ्तार से वैक्सीन लगवाने की जरूरत है। - डॉ. ईश्वर देवी बत्रा, सीएमएस, मलखान सिंह जिला अस्पताल।
टीकाकरण के बाद क्या करें, क्या न करें
- जिन्हें टीका लगा है, वो लोग कम से कम दो महीने तक शराब का सेवन न करें, क्योंकि शराब पीने की आदत वैक्सीन को बेअसर कर सकती है।
- विशेषज्ञ मानते हैं कि टीका लगने के बाद शरीर सामान्य रूप से काम करे, इसके लिए जरूरी है कि लोग टीके से जुड़ी अफवाहों से दूर रहें। सकारात्मक रहें।
- यात्रा करने से बचें, क्योंकि विशेषज्ञों का कहना है कि कोई भी कोरोना वैक्सीन शत-प्रतिशत असरदार नहीं है। कोविड प्रोटोकॉल तोड़ने से बचें।
- दो गज की दूरी बनाए रखें, मास्क लगाना और हाथ धोना जारी रखें, तभी टीके का असर तेजी से होगा।
ये है जिले की स्थिति
- 59.33 लाख कुल वैक्सीन अब तक लगी हैं।
- 31.09 लाख लोगों को पहली डोज लगी है।
- 28.57 लाख लोगों को दूसरी डोज लग चुकी।
- 44 हजार लोगों को बूस्टर डोज भी लगी है।
- 31 लाख 24 हजार को कुल डोज का लक्ष्य।
- 12-14, 15-17 आयु वर्ग में कम लगी डोज।