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अलीगढ़ : सांपों के संरक्षण में जुटे 76 वर्षीय ओंकार सिंह

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ओंकार सिंह। - फोटो : CITY OFFICE
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राजा तिवारी
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नाग पंचमी के अवसर शनिवार को श्रद्धालुओं ने विशेष पूजा पाठ और परंपराओं का निर्वहन किया। शहर से लेकर देहात क्षेत्र तक कई श्रद्धालुओं ने तड़के से ही विशेष तैयारियां प्रारंभ कर दी थीं। स्नान आदि करने के बाद घर को शुद्ध किया। भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर पूजा अर्चना की। इसके बाद प्रसाद आदि चढ़ाकर अपने दैनिक कार्यों में लगे। वहीं रावण टीला निवासी 78 वर्षीय ओंकार सिंह एक सांप को बचाकर उसे संजीवनी देने का कार्य कर रहे थे।
जी हां, रावण टीला निवासी ओंकार सिंह यूं तो 2002 में कासिमपुर पावर हाउस से सेवानिवृत्त हुए थे। लेकिन वह सांपों के संरक्षण की मुहिम में भी जुटे हैं। यही वजह रही कि अभी तक कुल 15 हजार सांपों को पकड़ चुके हैं। जिनमें अधिकांश नाग थे। नाग पंचमी के अवसर पर शनिवार को उन्हें सारसौल के रसूलपुर से फोन आया कि गोशाला में सांप आ गया है। इसे जंगल में छोड़ दीजिए। भले ही इस उम्र में ओंकार सिंह वाहन न चला सकें, लेकिन सांप को पकड़कर जंगल में छोड़ आते हैं। उन्होंने बताया कि सांप पकड़ने के लिए लोग खुद फोन करते हैं, साथ में बैठाकर ले जाते हैं और जंगल में सांप छुड़वाने के बाद घर पर छोड़ जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पूजा पाठ करने से अच्छा है नागों को संजीवनी दें। 95 प्रतिशत तक सांपों में जहर नहीं होता है। लेकिन कुछ लोग डर की वजह से उन्हें मार देते है।
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50 की उम्र से सांप पकड़ना किया था शुरू
ओंकार सिंह पुत्र शिव सिंह ने बताया कि वह सेवानिवृत्त होने के दस साल पहले से सांपों को पकड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि जीवन का एक ही उद्देश्य था कि सांप संरक्षण पर काम किया जाए। कभी कभार विभाग में भी सांप होने की सूचना मिली तो पकड़कर जंगल में छोड़ दिया। इसके अलावा नौकरी करते हुए भी अलग से समय निकालकर सांपों को पकड़ते थे। बीच बीच में कुछ सांपों को घर में पाला भी, लेकिन वृद्धावस्था के चलते अब बंद कर दिया है।
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