टप्पल इंटरचेंज पर पूर्व सीएम अखिलेश यादव की किसान महापंचायत की तैयारियां अंतिम चरणों में आ गई हैं। इस महापंचायत में पूर्व सीएम हर धर्म और जाति के प्रतिनिधि के तौर पर एक-एक किसान को मंच पर अपने हाथों से सम्मानित करेंगे। सभास्थल पर मंच, ग्रीन हाउस और वीवीआईपी नेता के प्रोटोकाल के तहत तमाम व्यवस्थाओं को बेहतर ढंग से पूरा किया जा रहा है, ताकि कहीं भी कोई खामी न रह जाए।
महापंचायत में बीस हजार किसानों के बैठने की व्यवस्था की जा रही है। पूर्व सीएम एवं सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पांच मार्च शुक्रवार को लगभग साढ़े बारह बजे टप्पल पहुंचेंगे। वह सैंफई से आगरा पहुंचेंगे और वहां से यमुना एक्सप्रेस वे पर आएंगे। एक्सप्रेस वे पर आने के बाद उनका काफिला सीधे टप्पल इंटरचेंज पर आ जाएगा।
सपा जिलाध्यक्ष गिरीश यादव ने बताया कि पूर्व सीएम अखिलेश यादव किसानों के समर्थन में प्रदेश में पहली बार किसानों की महापंचायत को संबोधित करने अलीगढ़ आ रहे हैं। पूरे देश के किसान मोदी सरकार के द्वारा थोपे गए तीन नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं। सपा हरेक किसान के साथ खड़ी है। पूर्व सीएम यही संदेश देने के लिए अलीगढ़ आ रहे हैं। इस दौरान वह मंच पर सभी धर्म और जाति के एक-एक किसान को बतौर उनके समाज के प्रतिनिधि के रूप में सम्मानित करेंगे।
जिससे ये संदेश भी स्पष्ट हो जाए कि किसानों का कोई धर्म या जाति नहीं होती है। किसान सिर्फ किसान है। महापंचायत में सपा के वरिष्ठ नेता रामजी लाल सुमन, संजय लाठर, एमएलसी उदयवीर सिंह सहित आसपास के जनपदों के अन्य नेताओं के आने की भी पूरी संभावना है। इसलिए उनके लिए भी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। बुधवार को पूर्व सांसद चौ. बिजेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष गिरीश यादव, उपाध्यक्ष रत्नाकर पांडेय, अहमद सईद सिद्दीकी, पंकज पंडित, चमन चौधरी, मोहित, रेनू सिंह, दीक्षा सहित अन्य नेताओं ने सभास्थल पर तैयारियों को अपनी देखरेख में आगे बढ़ाया।
20 हजार किसानों की व्यवस्था होगी
सभास्थल पर दो मंच बनाए जा रहे हैं। पहले मुख्य मंच से सीएम संबोधित करेंगे। ये 60 गुणा 30 फीट का है, इसमें 150 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। 30 गुणा 18 फीट के दूसरे मंच पर स्थानीय नेता रहेंगे। मुख्य मंच के पास वीआईपी लॉज बनेगा, जहां खानपान और प्रसाधन की सुविधा होगी। पंडाल के एक ओर 250 महिलाओं के बैठने की व्यवस्था है। मुख्य पंडाल में 20 हजार किसानों के बैठने की व्यवस्था की जा रही है। सुरक्षा की दृष्टि से सभास्थल से थोड़ी दूर पर अलग-अलग पार्किंग बनाई जा रही हैं।