अकराबाद में अनुसूचित युवती की हत्या का मामला लगातार उलझता जा रहा है। अब परिवार ने नारको टेस्ट न कराने को लेकर अभी तक पुलिस को लिखित में असहमति नहीं दी है। परिवार की ओर से हाईकोर्ट जाने की खबर मिल रही है।
अकराबाद में अनुसूचित युवती की हत्या के मामले में पुलिस की ओर से परिवार के पांच लोगों का नारको परीक्षण कराने का निर्णय लिया गया। इसके चलते अदालत से अनुमति भी ले ली गई। मगर परिवार खुद का नारको टेस्ट कराने के लिए तैयार नहीं है। सीओ बरला सुमन कनौजिया ने परिवार से कहा कि अगर वह नारको टेस्ट कराने को तैयार नहीं है, तो अपनी असहमति लिखित में दे दें। इस बात को चार दिन बीत गए मगर परिवार की ओर से अभी तक लिखित असहमति नहीं दी गई है। सीओ सुमन कनौजिया ने बताया कि वह बराबर परिवार के संपर्क में हैं। मगर अभी तक परिवार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं व्यक्त की गई है। यह जानकारी जरूर मिल रही है कि परिवार नारको के निर्णय के खिलाफ हाईकोर्ट की ओर रुख कर रहा है। इस कारण हत्या के उस खुलासे का मामला लगातार उलझता जा रहा है।