पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय के आईसीयू में एग्वा कंपनी के चार वेंटिलेटर लगे हैं। दो में शिकायत आने पर इंजीनियर को बुलाकर ठीक कराया गया था। वर्तमान में एग्वा के वेंटिलेटर का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। अतरौली के 100 बेड अस्पताल के लिए तीन वेंटिलेटर आए हैं, जो संयुक्त चिकित्सालय में रखे हैं। उनका इस्तेमाल नहीं हो रहा है।
कानपुर के हैलट अस्पताल के बालरोग विभाग में अचानक वेंटिलेटर बंद होने से बच्चे की जान चली गई थी। उसके बाद से एग्वा के वेंटिलेटर की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। कोरोना महामारी के दौरान पं. दीनदयाल उपाध्याय में कुल 39 वेंटिलेटर लगाए गए थे। इसमें से 4 एग्वा के हैं। जबकि 14 वेंटिलेटर बेल, 17 ज्योति एवं चार ड्रैगर के हैं। इसके अतिरिक्त अस्पताल में 9 अन्य वेंटिलेटर हैं। शुरूआती दिनों में ही एग्वा के दो वेंटिलेटर में शिकायत सामने आई थी। तत्कालीन सीएमओ डॉ. बीपी सिंह कल्याणी ने इंजीनियर बुलाकर इनको ठीक कराया था।
पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय के अधिकारियों का कहना है कि अभी एग्वा के वेंटिलेटर का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. एसके उपाध्याय ने बताया कि वर्तमान में बेल कंपनी के वेंटिलेटर का इस्तेमाल किया जा रहा है।