कोविड रोधी टीकाकरण की कहानी कम दिलचस्प नहीं है। 15 महीने में काफी उतार चढ़ाव देखने को मिले हैं। कोरोना की दूसरी लहर के बाद लोग कोविड रोधी टीके के महत्व को ठीक से समझ पाए थे। स्वास्थ्य केंद्रों पर टीका लगवाने के लिए लोग दौड़ पड़े थे।
पहले दिन 281 को लगा था टीका
16 जनवरी 2021 को दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान का शुभारंभ हुआ था। जनपद में पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय, मोहनलाल गौतम महिला चिकित्सालय, अतरौली एवं अकराबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लक्षित 400 में से 281 स्वास्थ्यकर्मियों ने टीका लगवाया था। 22 जनवरी 2021 को 13 केंद्रों पर 2291 स्वास्थ्यकर्मी टीका लगवाने पहुंचे। अप्रैल महीने में एक लाख से अधिक लोगों ने टीका लगवाया। यह दूसरी लहर का दौर था। सितंबर महीने में 5.31 लाख और नवंबर महीने में 8.64 लाख टीकाकरण हुआ। जनवरी 2021 से मार्च 2022 तक 15 महीने में टीके का आंकड़ा 50.58 लाख पार कर गया है। इन महीने में सबसे अधिक 9.12 लाख टीकाकरण जनवरी 2022 में हुआ है।
टीबी एवं एचआईवी मरीजों को भी लगा है टीका
कोविड रोधी टीका टीबी एवं एचआईवी मरीजों को लगा है और लग रहा है। जनपद में वर्ष 2021 में ही 12952 टीबी के मरीज चिह्नित किए गए थे, जिसमें 2255 की उम्र 18 वर्ष से कम है। अधिकारियों का कहना है कि बहुत सारे मरीज टीका लगवा चुके हैं। जिन्होंने नहीं लगवाया था, उनको टीका लगवाने का निर्देश दिया गया। टीबी एवं एचआईवी मरीजों को कोरोना से ज्यादा खतरा था।
तकनीकी बाधाओं को भी किया पार
अधिकारियों एवं कर्मचारियों के समक्ष तकनीकी बाधाएं भी कम नहीं थीं। शुरू में स्वास्थ्य कर्मी एवं अग्रिम पंक्ति के योद्धाओं को टीके लगे थे। उस समय ज्यादा भीड़ नहीं होती थी। दूसरी एवं तीसरी लहर के बाद स्वास्थ्य केंद्रों पर भीड़ बढ़ने से कई बाधाएं सामने आईं। पोर्टल व नेटवर्क से संबंधित समस्याएं उत्पन्न हुईं। बिना टीका लगवाए, टीका लगने के संदेश लोगों के मोबाइल पर आए। मानवीय चूक से भी परेशानी बढ़ी। समय के साथ कोविन पोर्टल में परिवर्तन हुआ और बाधाएं कम होती गईं।
कोविड रोधी टीका टीबी एवं एचआईवी के मरीजों को खतरे से बचाने के लिए है। जो टीबी या एचआईवी मरीज टीका नहीं लगवाए हैं, उन्हें टीका लगाया जा रहा है। टीका मरीजों को खतरे से बचाता है, इसलिए जरूरी है।
- डॉ. अनुपम भास्कर, जिला क्षय रोग अधिकारी
जनपद में कोविड रोधी टीकाकरण की स्थिति संतोषजनक है। दूसरी लहर के बाद टीकाकरण में तेजी आई है। अब भ्रम या डर वाली स्थिति भी नहीं है। 15 से 17 आयु वर्ग के 85 प्रतिशत से अधिक किशोर प्रथम डोज ले चुके हैं। 12 से 14 वर्ष के बच्चे भी उत्साह से टीके लगवा रहे हैं।
- शरद गुप्ता, उप जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
टीकाकरण का क्रमिक विकास
महीना एवं वर्ष टीकाकरण पुरुष महिला अन्य
जनवरी 2021 6794 1661 5133 0
फरवरी 2021 19611 11504 8107 0
मार्च 2021 73979 43457 30514 8
अप्रैल 2021 110900 63608 47282 10
मई 2021 145281 87683 57548 50
जून 2021 181006 108494 72447 65
जुलाई 2021 252943 131233 121663 47
अगस्त 2021 390939 202624 188216 99
सितंबर 2021 531539 267239 264137 153
अक्तूबर 2021 375121 180887 194147 87
नवंबर 2021 864489 421252 403054 183
दिसंबर 2021 703302 349768 353393 144
जनवरी 2022 912539 480565 410495 222
फरवरी 2022 357893 182436 167140 80
मार्च 2022 111548 55392 54429 25
------------------------------------------------------
डॉक्टर अनुपम भास्कर।- फोटो : CITY OFFICE