आयकर विभाग के अनुसार योगेश शर्मा के कारोबार का टर्नओवर करोड़ों रुपये का है। इसी के आधार पर उनको 89.85 लाख रुपये का नोटिस भेजा गया है। मगर, जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल विपरीत है। योगेश के पास अपना खुद का मकान तक नहीं है। वह किराये के मकान में रहता है। छह माह पहले नौरंगाबाद के डिप्टीगंज में किराये पर रहने आया। 400 से 500 रुपये रोजाना कमाने वाले योगेश की पत्नी प्रीति की तबीयत खराब होने के कारण वह तीन माह से किराया भी नहीं दे सका है। इस नोटिस से पूरा परिवार सदमे में है। सोमवार को उसे नोटिस का जवाब देना है।
योगेश ने बताया कि वर्ष 2022 में उसे विभाग की ओर से 2017 से 2020 और 2018 से 2021 को लेकर नोटिस जारी किया गया था। इसमें ऑडिट बैलेंस शीट का जिक्र था। इस नोटिस के बाद योगेश चुप बैठ गया। आयकर विभाग ने भी कोई कार्रवाई नहीं की। जिससे मामला ठंडे बस्ते में चला गया। साल भर पहले भी विभाग ने आईटीआर को लेकर उसे नोटिस जारी किया था।
इंश्योरेंस के लिए किया था पैन कार्ड का प्रयोग
अलीगढ़। आयकर विभाग की ओर से जारी किए गए नोटिस में योगेश शर्मा के पैन कार्ड का इस्तेमाल कहां किया गया, इसका जिक्र नहीं है। रविवार को हुई जांच पड़ताल में बताया गया कि कुछ वर्ष पहले उसने हेल्थ इंश्योरेंस कराया था। इसमें पैनकार्ड उपयोग हुआ था, लेकिन वो इंश्योरेंस की किस्तें नहीं जमा कर पाया।
आयकर अधिकारी बोले यह
आयकर अधिकारी दुर्गेश कुमार ने बताया कि इनसाइट पोर्टल पर मिली जानकारी के आधार पर डाक द्वारा नोटिस भेजा गया है। नोटिस में साल 2018-19 के वित्तीय वर्ष में यह टर्नओवर दिखाया गया है। अब इसका जवाब योगेश को देना होगा।