मथुरा और फिरोजाबाद सहित प्रदेश के कई जनपदों में बुखार और डेंगू से मौत की खबर आने के बाद बीमानगर, एलमपुर स्थित डूडा कॉलोनी में भय का माहौल है। कॉलोनी का पार्क तालाब बन गया है। जलनिकासी की व्यवस्था न होने के कारण जगह-जगह जलभराव है। कॉलोनी में गंदगी का अंबार लगा है। मलेरिया और डेंगू फैलने की स्थिति से इंकार नहीं किया जा सकता है।
सरकारी आंकड़ों में जनपद में अभी तक डेंगू के चार केस दर्ज हैं, जबकि संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है। मथुरा और फिरोजाबाद सहित प्रदेश के कई जनपदों में बुखार एवं डेंगू से मौत के बाद यहां के लोग दहशत हैं। डॉ. अभिषेक सिंह कहते हैं कि यहां के हालात अच्छे नहीं हैं। समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो डेंगू व मलेरिया फैलने से इंकार नहीं किया जा सकता। लोग नारकीय जीवन जीने को अभिशप्त हैं।
गेट बंद डूडा कॉलोनी में 384 फ्लैट हैं। करीब 300 फ्लैट में 1200 से अधिक लोग रहते हैं। नालियाें की सफाई नहीं होती। जलनिकासी के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। पार्क पोखर में तब्दील हो गया है। मथुरा-फिरोजाबाद में डेंगू व बुखार से मौत के बाद यहां के लोग सहमे हैं। कोई सुनने वाला नहीं है।
- राकेश कुमार गुप्ता, स्थानीय निवासी
डूडा कॉलोनी की स्थिति बेहद खराब है। मलेरिया एवं डेंगू का खतरा मंडरा रहा है। बावजूद इसके कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कॉलोनी में अस्पताल के लिए भवन बना है, जो मवेशियों का डेरा बन गया है। प्रशासन सहमति दे तो वह यहां अस्पताल चला कर दिखा देंगे।
- डॉ. विभव वार्ष्णेय, अध्यक्ष, अध्यक्ष, भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ
नगर निगम से लेकर अन्य अधिकारियों के पास कई पास कई बार फरियाद कर चुके हैं। आज तक सुनवाई नहीं हुई। विधायक के पास भी लोग गए थे। भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष से संपर्क किया है, ताकि लोगों को बीमारियों से बचाया जा सके।
- सुभाष बाबू गुप्ता सुभानू, मंडल अध्यक्ष
डूडा कॉलोनी एडीए द्वारा विकसित की गई है। उसका रखरखाव भी उसी के जिम्मे है। अभी नगर निगम को हैंडओवर नहीं की गई है। फिर भी नगर निगम के कर्मचारियों को भेजकर सफाई आदि का काम कराया जाता है। स्थिति की जानकारी लेने वह स्वयं वहां जाएंगे और समस्याओं का समाधान कराएंगे।
- अरुण कुमार गुप्त, अपर नगर आयुक्त, नगर निगम