भाजपा नेता राजेंद्र कुमार सिंह सहित कई नेता पहुंच गए। उन्होंने महिलाओं को समझाया और अधिकारियों से वार्ता की। दो घंटे तक अधिकारियों और वहां रहने वाले लोगों में जमकर बहस हुई। इसके बाद मामला शांत हुआ। एसीएम द्वितीय दिग्विजय सिंह के मुताबिक धर्मशाला में रहने वाले राजू, मूल चंद्र, रीना बंसल, ममता व लक्ष्मी ने टीम को मांग पत्र सौंपा है। जिसमें हाईकोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई और ठंड का हवाला देकर समय मांगा गया है।
इसके अलावा संयुक्त श्रमिक किसान मोर्चा के संस्थापक जितेंद्र शर्मा और अखंड भारत हिंदू सेना के दीपक शर्मा आजाद ने ज्ञापन सौंप कर कार्रवाई को स्थगित करने की मांग की है। कहा कि अगर धर्मशाला तोड़ा गया तो सड़क पर उतर कर प्रदर्शन करेंगे। सपा नेता राजेश सैनी ने भी इस कार्रवाई का पुरजोर विरोध किया है। कहा कि सरकार गरीबों के साथ अन्याय कर रही है।
रामदेवी धर्मशाला गिरासू भवन है। जिसको कई बार नोटिस जारी किया जा चुका है। इस मामले में खुद कोर्ट में प्रस्तुत होकर पक्ष रखा था। हाईकोर्ट ने 12 जनवरी 2026 तक इसको खाली कराने का आदेश दिया था। इसके बाद टीम भेजी गई थी, मगर ठंड का हवाला देकर परिवारों ने समय मांगा है। धर्मशाला 70 फीसदी खाली हो चुका है। पीड़ितों के पक्ष को हाईकोर्ट में रखा जाएगा।-प्रेम प्रकाश मीणा, नगर आयुक्त।
हाईकोर्ट ने 15 मई 2025 को ध्वस्तीकरण आदेश जारी किया था। 19 मई को हाईकोर्ट के आदेश का तामील करने टीम पहुंची, तब भी जमकर हंगामा हुआ था। 20 मई को महिलाओं ने रामघाट रोड पर सांसद की कार के आगे लेटकर प्रदर्शन किया था। उसके बाद मामला थम गया था।
कब-कब नोटिस जारी हुआ
- 10 अक्तूबर 2024
- 28 मई 2025
- 19 जुलाई 2025
- 10 नवंबर 2025
- 19 नवंबर 2025