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प्रधानाचार्य ध्यान दें: 18 साल से कम के विद्यार्थी बाइक से आए तो होगी कार्रवाई, लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

Thu, 11 Jul 2024 04:14 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

18 वर्ष से कम आयु के छात्रा-छात्राओं का स्कूटी या बाइक से स्कूल आना प्रधानाचार्य को मुसीबत में डाल सकता है, उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
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स्कूटी चला रहे नाबालिग छात्र को समझाते ट्रैफिक कर्मी - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अगर 18 साल से कम आयु के विद्यार्थी बाइक लेकर कॉलेज आए तो प्रधानाचार्यों पर कार्रवाई होगी। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

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अलीगढ़ डीआईओएस सर्वदानंद ने राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त व वित्तविहीन विद्यालयों के 143 प्रधानाचार्यों के साथ ऑनलाइन बैठक की। उन्होंने कहा कि जो 18 साल उम्र से ज्यादा हैं, उन्हें ड्राइविंग लाइसेंस के साथ बाइक लाने की छूट होगी, लेकिन बाइक से न आएं तो बेहतर होगा।
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उन्होंने विद्यार्थियों का नामांकन बढ़ाने, उपस्थिति शत-प्रतिशत करने पर जोर दिया। बोर्ड कक्षाओं के परिणाम में सुधार के लिए प्रधानाचार्य स्वयं कक्षाओं में जाकर देखें। कॉलेज में विभिन्न क्लब बनाए जाएं, ताकि विद्यार्थियों में नेतृत्व व प्रतियोगिता की भावना का विकास हो सके। उन्होंने जिले में चार राजकीय बालिका विद्यालयों में बन रहे छात्रावासों, ऑपरेशन जागृति, सड़क सुरक्षा, प्रोजेक्ट अलंकार आदि की प्रगति जानीं। उन्होंने अटल टिंकरिंग लैब व कबीर एक्सीलेंस फाउंडेशन की कंप्यूटर लैब की संख्या बढ़ाने के लिए प्रयास किए जाने के लिए प्रेरित किया।

डीआईओएस ने प्रधानाचार्यों से कहा कि कॉलेज के पुरातन छात्रों से संपर्क कर अपने यहां पर स्मार्ट क्लास, प्रयोगशाला, पुस्तकालय के लिए उनसे सहयोग मांगें। संचालन डॉ. संजय सिंह ने किया। बैठक में अंबुज जैन, प्रदीप कुमार, प्रमोद श्रोतिय, मुनेश कुमार सिंह, विपिन कुमार, कौशलेंद्र कुमार, कृष्ण कुमार, कुशल पाल सिंह, डालेश कांकरान आदि शामिल रहे।

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