बेशक प्रदेश सरकार बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का दावा करती है। मगर अलीगढ़ जिले में हालत बेहद खस्ता है। कहने को दीनदयाल संयुक्त अस्पताल को तमाम प्रयास के बाद भी सुधारा नहीं जा सकता है।
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अब तक डॉक्टरों की कमी की वजह से यहां आईसीयू का संचालन बेहतर ढंग से नहीं हो पाने का रोना सामने आता था। इसी बीच एनआईसीयू की भी यही स्थिति थी। इसी तरह अब तक दो वर्ष पहले स्थापित माड्यूलर ओटी का भी संचालन नहीं हो पाया।
माड्यूलर ओटी में अस्सी लाख रुपये अधिक कीमत से लगाई गईं मशीनें धूल फांक रही हैं। इसके विषय में जानकारी मिली है कि दो वर्ष पूर्व यह मशीनें लगाकर ओटी शुरू की गई। मगर इसका ट्रेंड स्टाफ न होने के कारण संचालन नहीं हो पाया। आज तक इसका उपयोग भी नहीं हो रहा। ये मशीनें धूल फांक रही हैं।
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इस विषय में सीएमएस डा.एमके माथुर कहते हैं कि इस विषय में ओटी स्थापित होने के बाद ही पूर्व अधिकारियों द्वारा समस्या बताई गई थी। जिसका आज तक समाधान नहीं हुआ है। हम संसाधनों की देखरेख कर रहे हैं।