जिला पुलिस पर पिछले कुछ समय से पारिवारिक विवादों की शिकायतों का बोझ बढ़ता जा रहा है। अब तक अपराध व दंपती विवाद की शिकायतों के निस्तारण में जुटी पुलिस एकाएक इन शिकायतों के बोझ को लेकर चिंतित है। इसे लेकर तय किया गया है कि अब पारिवारिक विवादों के निस्तारण से अलग से एसएसपी कार्यालय में शाखा का गठन किया जाएगा, जो सिर्फ पारिवारिक विवादों की शिकायतों का काउंसिलिंग के जरिये निस्तारण करेगी।
जिला पुलिस पर सीधे तौर पर थानों में, एसएसपी कार्यालय में, डाक के जरिये, पोर्टल आदि के जरिये जितनी शिकायतें आ रही हैं, उनमें 60 फीसदी यानि करीब 250 शिकायतें हर दिन पारिवारिक विवाद की आ रही हैं, जिनमें भाई-भाई का विवाद, भाई-बहन का विवाद, बेटे का माता-पिता से विवाद, रिश्तेदारी में आपस में किसी तरह का विवाद सर्वाधिक है। इनमें ज्यादातर विवाद संपत्ति बंटवारे, लेनदेन या मतभेद से जुड़े हैं। सिविल प्रवृत्ति के इन विवादों में अगर बेहतर सुनवाई न हो तो झगड़े से लेकर जघन्य अपराध तक पहुंचते हैं।
इसे लेकर एसएसपी कलानिधि नैथानी ने गंभीर रुख अपनाया है। एसएसपी के अनुसार हमारी थाना स्तर पर प्राथमिकता अपराध संबंधी शिकायतों या विवादों के निस्तारण का है। पारिवारिक विवादों में थाना पुलिस की व्यस्तता से अन्य काम प्रभावित होते हैं। दंपती विवाद के लिए महिला थाना व परिवार परामर्श केंद्र संचालित हैं। अब पारिवारिक विवादों के निस्तारण के लिए पुलिस कार्यालय में ही एक शाखा अलग तैयार की जा रही है, जिसमें सीओ स्तर से लेकर एक इंस्पेक्टर व अन्य स्टाफ शामिल किया जा रहा है। जल्द यह सक्रिय होगा और शिकायतों को काउंसलिंग के जरिये निस्तारित करने का प्रयास करेगा।