मथुरा-अलीगढ़ मार्ग पर करबन नदी के पुल पर सेही (जंगली जानवर) पिछले तीन दिन से सुराख कर रहा है। लोकनिर्माण विभाग गड्ढा भरवाता है और अगले दिन फिर से गड्ढा बन जाता है। इस गड्ढे से इस प्रमुख मार्ग पर बड़ा खतरा बन गया है। अब विभाग ने यहां एक कर्मचारी के साथ दो मजदूरों की तैनाती कर दी है। यह लोग गड्ढा होते ही उसे मिट्टी डलवाकर भर देते हैं।
अलीगढ़ से मथुरा को जोड़ने वाला यह प्रमुख मार्ग है। अगर ट्रैफिक विभाग के आंकड़ों को माने तो हर रोज यहां से 15 हजार छोटे बड़े वाहन गुजरते हैं। इस मार्ग पर इगलास से करीब एक किलोमीटर आगे करबन नदी पर एक छोटा पुल बना हुआ है। इस पुल के बीचोंबीच एक बड़ा गड्ढा हो गया था। अमर उजाला ने शुक्रवार के अंक में इसे लेकर खबर प्रकाशित की थी। अधिकारियों ने इसका संज्ञान लेते हुए गड्ढे को भरवा दिया। लेकिन शनिवार को गड्ढा पहले से ज्यादा खतरनाक स्थिति में दिखा। जब निगरानी की गई तो पता चला सेही जानवर द्वारा गड्ढा किया जा रहा है। कुछ लोगों ने शाम के वक्त सेही को यहां देखने का भी दावा किया था। खैर इस गड्ढे को शनिवार को फिर भरवा दिया गया तो रविवार को फिर गड्ढा हो गया। क्योंकि यह प्रमुख मार्ग है लिहाजा बड़ा खतरा हो सकता है। इस पर लोकनिर्माण विभाग ने यहां कर्मचारी की दो मजदूरों के साथ तैनाती कर दी है। ताकि जैसे ही गड्ढा हो उसे मिट्टी से भरवा दिया जाए।
पुलिस ने भी निरीक्षण किया
रविवार की सुबह विभाग के जेई व कोतवाल नरेंद्र यादव ने मौके पर पहुंच कर स्थिति का निरीक्षण किया। लोकनिर्माण विभाग के अवर अभियंता सुनील कुलश्रेष्ठ का कहना है कि (सेही) ने नीचे से मिट्टी को खोखला कर सुराख बना दिया है। रोड को उखाड़ कर पुन: बनाना अभी संभव नहीं है।
इगलास में सेही के बनाए गए गड्ढे (सुराख) को भरने और निगरानी के लिए 24 घंटे के लिए लेबर और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। पुल के स्ट्रक्चर की भी जांच की गई है। पुल मजबूत है। गड्ढे को भरने के लिए सोमवार से पुल के नीचे के हिस्से में काम किया जाएगा हालांकि करबन नदी में पानी आ गया है फिर भी पुल के गड्ढे वाले हिस्से को पूरी तरह से सही कर दिया जाएगा, जिससे वह जानवर इसमें से दोबारा से सुराख नहीं कर सके। अनिरुद्ध कुमार सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग