अलीगढ़। सौर ऊर्जा लगाओ, बिजली संकट से मुक्ति पाओ। जिले की जनता को इसी सिद्धांत की राह पकड़नी होगी। जिस तरह का शहर और देहात में बिजली संकट है उससे बचने का इससे कारगर तरीका कोई दूसरा नजर नहीं आ रहा है। यह थोड़ा महंगा तो है लेकिन एक बार इस पर पैसा खर्च कर दिया तो बिजली चाहकर भी चैन नहीं छीन पाएगी।
नेडा के अवर अभियंता पीएन पांडे का कहना है कि सामान्य घर में रहने वाले पांच सदस्यीय परिवार के लिए एक किलोवाट का सोलर पॉवर प्लांट पर्याप्त है। 2.12 लाख का यह सिस्टम सब्सिडी के बाद डेढ़ लाख का पड़ता है। यह 700 वाट की बिजली सात घंटे तक देता है। इससे दो पंखे, टीवी, फ्रिज और 250 वॉट का कूलर का लोड उठ जाता है। तीस मिनट तक सबमर्सिबल भी चला सकते हैं। 12 घंटे बिजली पाने क्षेत्र में जो यह सिस्टम लगवाता है वह 24 घंटे बिजली का सुख लेता है। इससे हर साल करीब आठ हजार का बिल भी बचता है। एक 1 केवीए के गैसोलीन जनरेटर के बराबर उपयोग की तुलना में प्रति वर्ष करीब रुपये 56000 की ईंधन लागत की बचती है।
--बाक्स--
यह भी है काम के
टाटा पावर सोलर : एक केवी की नई सौर बिजली प्रणाली है। इससे कम कीमत पर आठ घंटे तक बिजली मिलती है। इसमें सौर पैनल इन्वर्टर और बैटरी होता है, जो स्वत: खुद को चार्ज कर बिजली देता है। धूप न होने पर डायनमो खुद ब खुद साधारण बिजली के साथ जुड़ जाता है। इससे बल्ब, पंखे, टेलीविजन और एयर कूलर को चार से आठ घंटे का बैक अप मिलता है।
सोलर पॉवर जनरेटर: एक किलो से पांच किलो वाट तक के पॉवर प्लांट की कीमत ढाई से नौ लाख तक है। इस पर 30 फीसदी सब्सिडी है।
घरेलू सोलर लाइट:: इसमें 2 बल्ब या ट्यूब लाइट जलाए जा सकते हैं। छोटा डीसी पंखा और एक छोटा टेलीविजन 2 से 3 घंटे तक चलाए जा सकता है। इसकी कीमत 9870 रुपये है।
सोलर लालटेन: 2860 रुपये की कीमत वाला यह उपकरण तीन से पांच घंटे तक रोशनी देता है।
बायोमास गैसीफायर :: उद्यमियों के लिए यह वरदान साबित हो सकता है। इसकी क्षमता 40केवी से 500 केवी तक बिजली पैदा करने की होती है। प्रॉड्यूसर गैस आधारित इसके इंजन में डीजल के साथ धान की भूसी और लकड़ी का प्रयोग होता है। इससे 60 से 70 फीसदी डीजल की बचत होती है।