जलेसर रोड स्थित कांशीराम कॉलोनी फेज -तीन की जर्जर बिल्डिंग। संवाद
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कभी बेघरों को सिर पर छत मुहैया कराने के लिए करोड़ों रुपये की लागत से कांशीराम आवासीय योजना फेज तीन के तहत तैयार किए गए 952 आवास अब जर्जर हालत में पहुंच गए हैं। इनकी मरम्मत, बिजली-पानी की आपूर्ति और आवश्यक सुविधाओं को बहाल करने के लिए फिर से करोड़ों रुपये खर्च किए जाने की तैयारी की जा रही है।
वर्षों तक उपयोग न होने और रखरखाव न होने से इन आवासों की स्थिति अत्यंत खराब हो चुकी है। दीवारों में दरारें आ चुकी हैं, दरवाजे टूटे पड़े हैं, खिड़कियां और जंगले चोरी हो चुके हैं, छत क्षतिग्रस्त होने के कारण अधिकांश मकान रहने लायक नहीं बचे हैं। शासन के निर्देश पर अब इन आवासों को पुन: उपयोग में लाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
इनमें बिजली और पानी की व्यवस्था बहाल करने के लिए बिजली विभाग और नगर पालिका की ओर से लगभग 5.5 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार किया गया है। इसके साथ ही आवास-विकास परिषद को मरम्मत, प्लास्टर, रंगाई-पुताई, नई खिड़की, जंगले व दरवाजे लगवाने के लिए विस्तृत प्रस्ताव सौंपा गया है। जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) के सिविल इंजीनियर अक्षय शर्मा ने बताया कि सुधार कार्यों के पूरा होने के बाद इन आवासों को जरूरतमंदों को पुन: आवंटित करने की योजना है।