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दुर्गेश प्रकरण में विदेश मंत्रालय ने ईमेल का जवाब भेजा

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दुर्गेश प्रकरण में विदेश मंत्रालय ने ईमेल का जवाब भेजा
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ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।

सऊदी अरब में फंसे अलीगढ़ के युवक दुर्गेश सिंघल को स्वदेश लाने के लिए विदेश मंत्रालय को भेजे गए दूसरे ई मेल का जवाब मिल गया है। ये ई मेल अलीगढ़ के ही रूपेश पाठक ने भेजा था, जो दुर्गेश के मामले में दुबई से ही पैरवी कर रहा है। दूसरे ई मेल के जवाब में विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि दुर्गेश के प्रकरण की जानकारी 29 जुलाई को प्राप्त हुई है, जिसमें नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

रूपेश ने दुर्गेश की मां की बिगड़ी तबियत का हवाला देकर उसका प्रकरण वहां की श्रम अदालत में ले जाने की अपील की है। जिस पर विदेश मंत्रालय की ओर से कार्रवाई की अपेक्षा की गई है। रूपेश ने कहा है कि दुर्गेश का मामला वहां के डिपोर्र्टेशन सेंटर नहीं भेजा जाए, क्योंकि इसमें ज्यादा वक्त लग सकता है।
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गौर हो कि सारसौल निवासी दुर्गेश सिंघल कुछ महीने पहले ही नौकरी के झांसे में सऊदी अरब के अल कासिम पहुंच गया था, दो लाख रुपये देने के बाद भी उसे सही नौकरी नहीं मिल सकी। उलटे वहां पर पहुंचते ही उसका पासपोर्ट छीन लिया गया और मजदूरी कराई जाने लगी। किसी तरह से दुर्गेश वहां से भागकर रियाद आ गया।
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वर्तमान में उसने बनारस निवासी महताब के यहां पर शरण ले रखी है। दुर्गेश का मामला वहां पर हुरूब श्रेणी में है। इसका मतलब यह है कि उसको नौकरी देने वाले यानी कफील ने उसे भगोड़ा घोषित कर रखा है। इस स्थिति में नौकरी देने वाले की नौकरी पाने वाले के प्रति कोई जवाबदेही नहीं रहती है।
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