न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
बीती दो अप्रैल को हुए एससी एसटी आंदोलन के दौरान रेलवे एक्ट के तहत दर्ज हुए मुकदमों की जांच एसआई प्रदीप यादव को सौंपी गई है। आरपीएफ इलाहाबाद मंडल के कमांडेंट के अमरेश कुमार के अवकाश के जाने पर आगरा के कमांडेंट एस जैड खान ने इसकी जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
आरपीएफ के इंस्पेक्टर नवल किशोर ने बताया कि आंदोलन और धरना प्रदर्शन के दौरान रेलवे ट्रैक पर रेल गाटर डालने, स्लीपर डालने के कारण मुकदमे दर्ज किए गए हैं। 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा लिख गया है। इसकी जांच फोटो और वीडियो फुटेज के आधार पर हो रही है। जांच के बाद आगे के निर्देश पर कार्रवाई होगी।
इधर, सवर्ण आंदोलन के दौरान मंगलवार को पूरे दिन रेलवे स्टेशन पर सतर्कता बरती गई। आरपीएफ के 16 सिपाहियों को अतिरिक्त गश्त पर लगाया गया है। एसआई और दूसरे कर्मी भी पूरे दिन इसी के मद्देनजर स्टेशन और आसपास में गश्त बढ़ाई गई है। आरपीएफ के इंस्पेक्टर नवल किशोर ने बताया कि पूरे दिन गश्त रही है। कहीं किसी तरह का धरना प्रदर्शन नहीं हुआ है।
ठंडी सड़क पर होती रही पुलिस की गश्त
सवर्ण आंदोलन के दौरान कलक्ट्रेट से ठंडी सड़क, यूनिवर्सिटी सर्किल, तस्वीर महल, शमशाद मार्केट, जिला पंचायत भवन, जिला कोषागार के बाहर अलग-अलग स्थानों पर पुलिस की गश्त होती रही। कहीं कोई बड़ा प्रदर्शन नहीं होने से पुलिस की राहत की सांस ली। ज्यादा सुरक्षा कलक्ट्रेट परिसर के बाहर की गई थी।