नगर के एक अध्यापक के एटीएम कार्ड को हूबहू बनाकर उसके खाते से 20 हजार रुपये नकद निकाल लिए और 40 हजार रुपये खाते में ट्रांसफर कर लिए। खाते में पैसा ट्रांसफर करके जालसाज फंस गया। अध्यापक ने जब बैंक डिटेल निकलवाई तो जालसाज की कारगुजारी पकड़ में आ गई। डिटेल से पता चला कि अध्यापक के खाते से यह पैसा प्रतापगढ़ निवासी फतेह मोहम्मद के खाते में ट्रांसफर किया गया है।
पीड़ित ने बैंक प्रबंधक से मिलकर पूरे मामले की शिकायत की और इस खाते के साथ अपने खाते को होल्ड करा दिया। अब यह शख्स अपने खाते में पैसा जमा तो कर सकता है, लेकिन नकद निकासी नहीं कर सकता। शिक्षक का खाता होल्ड होने से जालसाज अब उनके खाते से भी कोई निकासी या नकद ट्रांसफर नहीं कर पाएगा।
हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि जालसाजी करने वाला शख्स फतेह मोहम्मद ही है या फिर कोई और शख्स पैसा ट्रांसफर करने के लिए उसके खाते का इस्तेमाल कर रहा है। इस मामले में पुलिस ने साइबर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
साइबर जालसाजी के शिकार नगर निवासी अध्यापक फारूख बने हैं। एटीएम केबिन के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में साफ दिख रहा है कि तीन युवक शिक्षक को घेरे खड़े हैं। शिक्षक की नासमझी का फायदा उठाकर जालसाजों ने जेब में रखी एक मशीन में कार्ड को स्वैप कर उसके एटीएम कार्ड का क्लोन बना लिया।
इसके बाद दो दिन बाद उनके खाते से एक बार नकद 20 हजार रुपया निकाल लिया और 40 हजार रुपया अपने खाते में ट्रांसफर कर लिया है। खाते में जो पैसा ट्रांसफर किया उससे जालसाज फंस गया। प्रकरण को लेकर कोतवाल डीके सिसोदिया ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है शीघ्र पुलिस प्रतापगढ़ जाकर कार्रवाई करेगी।
ये बरतें सावधानी
लोगों को एटीएम का प्रयोग करते समय यह जांच लेना चाहिए कि उसके पीछे खड़ा कोई शख्स कहीं एटीएम का पिन नंबर तो नहीं पढ़ रहा। किसी कारण से ट्रांजेक्शन नहीं हो रहा हो तो लौट आए, लेकिन एटीएम कार्ड किसी के हाथ में नहीं दें। इस्तेमाल करने के बाद एटीएम के केबिन से तभी हटें, जब उसकी लाइटें दोबारा चालू हो जाएं।