गोवंश संरक्षण की प्रगति समीक्षा बैठक में अलीगढ़ डीम विशाख जी ने तीन माह में जिले में 50 नये गो-आश्रय स्थल निर्माण का लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए। डीएम ने ने कहा कि ऐसे पशुपालक जो जानबूझकर अपने गोवंश छोड़ रहे हैं, उनको संरक्षित कर छुड़ाने पर जुर्माना लगाने एवं इस आशय का ग्राम पंचायतों में प्रस्ताव पास कराने के निर्देश दिए हैं।
अलीगढ़ के जिलाधिकारी विशाख जी ने कहा कि ऐसे पशुपालक जो जानबूझकर अपने गोवंश छोड़ रहे हैं, उनको संरक्षित कर छुड़ाने पर जुर्माना लगाने एवं इस आशय का ग्राम पंचायतों में प्रस्ताव पास कराने के निर्देश दिए हैं। वे कलेक्ट्रेट सभागार में 8 फरवरी को गोवंश संरक्षण की प्रगति समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।
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डीएम ने जिले में गोवंश संरक्षण केंद्रों की समीक्षा में पाया कि 114 अस्थाई एवं पांच वृहद गो संरक्षण केंद्र संचालित हैं। जबकि वर्ष 2023 में 01-01 स्थाई एवं अस्थाई गोवंश संरक्षण केंद्र का निर्माण कराया गया है। डीएम ने तीन माह में जिले में 50 नये गो-आश्रय स्थल निर्माण का लक्ष्य निर्धारित करते हुए सीडीओ को जल्द से जल्द विकास खंड वार आवश्यकतानुरूप भूमि चिन्हांकन एवं अन्य प्रक्रियाएं पूर्ण करने के निर्देश दिए। एसएफसी पूलिंग की समीक्षा में डीपीआरओ ने बताया कि लगभग 01 करोड़ की धनराशि एकत्रित हुई है, जिसमें से लगभग 33 लाख का व्यय किया जा चुका है। इस पर डीएम ने गोशालाओं में अवस्थापना सुविधाओं को बढ़ाने के लिए पूलिंग की धनराशि का सदुपयोग करने के निर्देश दिए।
डीएम ने जिले में कैटल कैचर की उपलब्धता में पाया कि नगरीय क्षेत्र में 09 ट्रक माउंटेड एवं ग्रामीण क्षेत्र में 04 ट्रॉली माउंटेड कैटल कैचर उपलब्ध हैं। इस पर उन्होंने रोड सेफ्टी एवं फसलों की सुरक्षा के दृष्टिगत नेशनल हाईवे को 01 ट्रक माउंटेड कैटल कैचर उपलब्ध कराने के साथ ही सभी ब्लॉक में कैटल कैचर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गोआश्रय स्थलों पर समुचित व्यवस्थाओं के लिए उन्होंने प्रत्येक केंद्र पर नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित करें कि केंद्र पर गोवंश के स्वास्थ्य, चारे-पानी की समुचित व्यवस्था हो। उन्होंने निर्धारित बिंदुओं पर 8 फरवरी तक विस्तृत निरीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए।
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ग्राम पंचायतें आय के स्रोत बढ़ाते हुए चलाएं स्वच्छता अभियान - डीएम
जिलाधिकारी विशाख जी की अध्यक्षता में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत ठोस एवं तरल प्रबंधन के सबंध में ओडीएफ प्लस मॉडल ग्राम बनाए जाने को लेकर बैठक की। डीएम ने कहा कि अधिकारी व कर्मचारी ठोस तरल अपशिष्ट प्रबंधन के बारे में लोगों को जागरूक कर गांवों को स्वच्छ बनाएं। उन्होंने कहा कि जिले में 30 ऐसे ग्रामों का चिन्हांकन किया जाए जहां ओडीएफ प्लस एवं डोर टू डोर कूड़ा एकत्रीकरण का प्रयोग यूजर चार्जेज के आधार पर प्रारंभ किया जाए। डीएम ने बीडीओ, एडीओ, कन्सल्टेंट और समन्वयकों को निर्देशित किया कि गांव में अधिक से अधिक यूजर चार्जेज प्राप्त करते हुए मैन पावर एवं अवस्थापना सुविधाएं बढ़ाकर स्वच्छता अभियान में तेजी लाएं।
डीपीआरओ धनंजय जायसवाल ने बताया कि 254 गांवों से कचरे का उठान करते हुए 53 ग्राम पंचायतों से यूजर चार्जेज प्राप्त किए जा रहे हैं। यहां 5000 से 7000 रुपये प्रति माह की आय हो रही है। जिलाधिकारी ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी घरों को कवर करने के निर्देश देते हुए शिफ्टवार वाहन के माध्यम से कूड़ा एकत्रित करने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि लोगों को खुले में कूड़ा न फेंकने और प्लास्टिक का प्रयोग न करने के लिए प्रेरित किया जाए। एक बार संपूर्ण गांव से साफ सफाई कराने के उपरांत यदि कोई कचरा इधर उधर फेंकता है तो उस पर जुर्माना लगाने का प्रावधान ग्राम पंचायत की की ओर से लागू किया जाए।