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40 लाख की आबादी केवल तीन फोन के सहारे, जेएन मेडिकल कॉलेज क्यों नहीं जोड़ा : योगी

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प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बृहस्पतिवार को अलीगढ़ पहुंचे। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में बने हेलीपैड से वह सीधे कलक्ट्रेट में बने कोविड कमांड सेंटर का निरीक्षण करने आए। यहां उन्होंने कमांड सेंटर की स्थापना, टेलीमेडिसिन, कांट्रेक्ट ट्रेसिंग, कोविड डेडिकेटेड अस्पताल, बेड, ऑक्सीजन, वेंटिलेटर और दवाओं की उपलब्धता की जानकारी की।
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उन्होंने जिले की आबादी को देखते हुए कोविड कमांड सेंटर में फोन लाइनें बढ़ाने का निर्देश दिया, वर्तमान में यहां केवल तीन फोन लाइनें चालू हैं। सीएम ने जिले की 40 लाख की आबादी को देखते हुए इसको नाकाफी बताया।
कोविड कमांड सेंटर में सीएम ने जनपद में अभी तक मिले कोरोना संक्रमित मरीज, अब तक स्वस्थ हुए मरीज, वर्तमान में सक्रिय कोरोना केसों के बारे में विस्तार से जाना। पहले तो अधिकारी खुद ही सीएम योगी को सब कुछ बता रहे थे, लेकिन जैसे ही उन्होंने एक सवाल पूछा तो सन्नाटा छा गया। जल्दबाजी में जवाब भी गड़बड़ा गया।
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सीएम ने अचानक पूछा कि जनपद की आबादी कितनी है..? दो लोगों ने जवाब दिया। पहले ने कहा कि 35 लाख, दूसरे ने कहा 40 लाख। कमांड सेंटर की प्रभारी स्मृति गौतम के कहने पर इन दोनों कर्मियों ने जवाब दिया था। इसके बाद सीएम ने वहां चालू फोन लाइनों के बारे में पूछा तो पता चला कि केवल तीन फोन नंबरों से कंट्रोल रूम चल रहा है। इस पर योगी ने कहा कि 40 लाख की आबादी में तीन फोन नंबर पर्याप्त नहीं है। इनकी संख्या तत्काल बढ़ाई जाए।
उन्होंने पूछा कि रोजाना किस तरह की कितनी शिकायतें आ रही हैं। उनका निराकरण कैसे और किस स्तर तक हो रहा है। निराकरण होने के बाद क्या शिकायतकर्ता से फीडबैक लिया जा रहा है या नहीं..? जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों से बात हो और उनको हर संभव सुविधा पहुंचाई जा सके। सीएम ने कहा कि इस बीमारी में लोगों को स्नेह और आत्मीयता की जरूरत है। जिससे वह जल्द से जल्द स्वस्थ हो सकें।
सीएम ने कमांड सेंटर में लगे सीसीटीवी के माध्यम से हॉस्पिटल पर नजर रखने का इंतजाम देखा। जिसमें बताया गया कि कोविड डेडिकेटेड दीनदयाल अस्पताल सहित दूसरे सरकारी अस्पताल और निजी अस्पतालों को सीसीटीवी से जोड़ कर मानीटरिंग की जा रही है। सीएम ने इस पर एक सवाल और दागा कि एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज को क्यों नहीं जोड़ा गया।
इसका जवाब जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने दिया। उन्होंने कहा कि जिला स्तरीय सरकारी कोविड और निजी कोविड अस्पताल इससे जोड़े गए हैं। एएमयू का जेएन मेडिकल कॉलेज नहीं जोड़ा जा सका है। इसके बाद सीएम ने कहा कि गरीब, जरूरतमंद, निशक्तजनों को सामुदायिक रसोई से लोगों को नि:शुल्क भोजन उपलब्ध कराया जाए। इन रसोई घरों को भी सीसीटीवी से जोड़ा जाए, जिससे इसकी निगरानी हो सके।
इस मौके पर जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह, एडीएम फाइनेंस विधान जायसवाल, डिप्टी कलेक्टर संजीव ओझा, कोविड कमांड सेंटर प्रभारी अधिकारी स्मृति गौतम, प्रदेश के राज्य मंत्री संदीप सिंह, जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश राणा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और अन्य लोग मौजूद रहे। इस दौरान मीडिया को कलक्ट्रेट के अंदर प्रवेश करने से रोक दिया गया था।
आंकड़ेबाजी
- 5.14 लाख फोन कर 177617 लोगों की कांट्रेक्ट ट्रेसिंग।
- 24 मार्च 2020 को कलक्ट्रेट में कोविड कमांड सेंटर की स्थापना हुई।
- 408 दिनों में यहां से जिले में लगभग 5.14 लाख फोन किए गए।
- 19609 पाजिटिव मरीजों के सापेक्ष 177617 लोगों की कांट्रेक्ट ट्रेसिंग हुई।
- 1500 फोन काल यहां पर रोजाना आती-जाती है, इसमें सभी फोन शामिल
गूगल मैपिंग से ढूंढ रहे मरीज
कोरोना पाजिटिव मरीज मिलने पर उस इलाके की गूगल मैपिंग कराई जा रही है, जिसके तहत मरीज के घर के दो सौ मीटर के दायरे आने वाले वाले लोगों का पूरा हाल जाना जाता है। इस जांच पड़ताल में संदिग्ध मरीज मिलने पर उसका कोरोना टेस्ट कराया जाता है। ऐसे इलाकों में बुजुर्ग बीमार मरीजों पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। हालांकि, सीएम को गूगल मैपिंग का कोई डेमो नहीं दिखाया गया।
लखनऊ के फीडबैक में 19609 संतुष्ट मिले...
कोविड कमांड सेंटर के अधिकारियों ने बताया कि सीएम ने निरीक्षण के दौरान कहा कि उनकी लखनऊ की टीम ने अलीगढ़ का फीडबैक बेहतर बताया है, जिसमें मरीजों से अस्पताल, दवा, बेड आदि की जानकारी फोन से ली गई थी।
ये फीडबैक लगभग 19609 लोगों के बीच से रेंडम लिया गया था। कंट्रोल रूम के प्रभारी अधिकारी ने बताया कि लखनऊ से रेंडम फोन काल कर स्थानीय मरीजों से स्वास्थ्य सेवाओं का हाल लिया जाता है। जिसमें लोगों ने अलीगढ़ की व्यवस्थाओं को कुछ हद तक संतोषजनक बताया है।
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