न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की चुनावी जनसभाओं का आगाज अलीगढ़ से होगा। इन जनसभाओं का आगाज प्रथम चरण में मंडलवार और इसके बाद जनपदवार होगा। फरवरी के पहले पखवाड़े में ये सभाएं शुरू होंगी।
पहले पांच दिन में मंडलवार 15 सभाएं होंगी इसके बाद जनपदवार 75 सभाओं का सिलसिला शुरू होगा। जल्द ही इनकी तारीखें तय होंगी। फरवरी में अगर नुमाइश के दौरान ही अलीगढ़ की तारीख तय हुई तो सभा किसी अन्य स्थान पर होगी।
शनिवार को 15 गुरुद्वारा रकाबगंज स्थित कांग्रेस वार रूम में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं यूपी के प्रभारी गुलाम नबी आजाद, प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर, नेता प्रतिपक्ष प्रमोद तिवारी और संजय सिंह ने जिला एवं महानगर अध्यक्षों के साथ बैठक में उक्त निर्देश दिए।
जिलाध्यक्ष चौ बिजेंद्र सिंह ने बताया कि पहले चरण की रैलियों में अलीगढ़ के साथ हापुड़, मुरादाबाद, सहारनपुर, अलीगढ़, बरेली, आगरा, लखनऊ, सीतापुर, वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज और कन्नौज शामिल हैं। कुछ जगहों पर सभा के साथ रोड शो भी हो सकता है।
बैठक में प्रदेश महासचिव योगेश दीक्षित, पूर्व जिलाध्यक्ष गिरिवर शर्मा, वरिष्ठ उप जिलाध्यक्ष संतोष सिंह जादौन, एआईसीसी सदस्य परवेज अहमद, गौरांग देव, श्याम दिवाकर, राजवीर प्रजापति, रामेश्वर कश्यप, पीतांबर सूर्यवंशी, मनोज सक्सेना आदि मौजूद रहे।
आपसी मतभेद नहीं दिखना चाहिए
कांग्रेसवार रूम में हुई बैठक में आला नेताओं ने स्पष्ट किया कि लोकसभा चुनाव को पूर्ण गंभीरता से लें। आपसी मतभेद को बिल्कुल भूला दें। अन्यथा कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। ये भी ताकीद की गई कि एक ही कार में घूमे और सभाओं में अलग अलग नारेबाजी न कराएं।
फरवरी में सभाएं कराने से प्रत्याशियों
के खर्च में नहीं जुड़ेगा सभा का व्यय
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि फरवरी में जनसभाएं कराने का फैसला इसलिए किया गया है ताकि इन रैलियों का खर्च प्रत्याशियों के खर्च में न जोड़ा जाए। इसलिए राहुल गांधी की जनसभाएं फरवरी में करा ली जाएंगी।
प्रथम चरण की रैलियां पूरी होने के बाद दूसरे चरण में वह चुनिंदा स्थानों पर ही प्रचार करेंगे। क्योंकि उनका प्रचार कार्यक्रम पूरे देश के लिए तय होगा। इसलिए वह बाद में यूपी में ज्यादा समय नहीं दे पाएंगे।