इसी क्रम में डीजीसी स्तर से जिला जज के समक्ष यह लिखित अनुरोध किया गया। इसके आधार पर जिला जज की ओर से यह आदेश जारी किया गया है। जिसमें सभी मुकदमे एडीजे आठ में सुनवाई के लिए भेजा जाना तय हुआ है। वहीं डीजीसी स्तर से इन सभी मुकदमों की पैरवी के लिए खुद डीजीसी, एडीजीसी अमर सिंह तोमर, कुलदीप तोमर, सुधांशु अग्रवाल को नियत किया है। ये अपनी अदालतों के साथ-साथ इन मुकदमों की पैरवी भी करेंगे।
जहरीली शराब कांड से जुड़े 29 मुख्य मुकदमे तीन न्यायालयों में विचाराधीन थे। जिनमें मुख्य माफिया से जुड़े 21 मुकदमे शासन स्तर से चिह्नित हैं। इन्हें एक अदालत में लाने के संबंध में पत्रावली तैयार कर जिला जज से अनुरोध किया गया था। जिला जज ने सभी मुकदमों को एडीजे आठ की अदालत में सुनवाई के लिए भेजने का आदेश किया है। यह आदेश आने के साथ चार अभियोजन अधिवक्ता भी नियत किए गए हैं। अब सभी मुकदमों में जल्द ट्रायल कराने के साथ आरोपियों को सजा कराने की कवायद होगी।-चौ.जितेंद्र सिंह, डीजीसी फौजदारी
इन गांवों में हुईं मौतें
इस कांड में गांव करसुआ, रायट, अंडला, जवां, हैवतपुर, फतेह नगरिया, नंदपुर पला, पचपेड़ा, सांगोर, कौरह रुस्तमपुर, छेरत, शादीपुर, जट्टारी, रोहेरा, दरकन नगरिया, चंदनिया, धनीपुर, शीशियापाड़ा, महुआखेड़ा आदि में मौत हुईं। इस कांड में जिन 80 आरोपियों को जेल भेजा गया, उनके विषय में प्रदेश स्तर पर आबकारी ने ब्लैक लिस्ट सूची जारी की है। ये सभी लोग अब देश-प्रदेश में कहीं भी आबकारी लाइसेंस आवेदन नहीं कर सकते और न बतौर सेल्समैन नौकरी कर सकते हैं।
खास बातें
- 33 मुकदमे इस कांड में दर्ज हुए
- 88 आरोपी जेल भेजे
- 12 लोगों को माफिया किया गया दर्ज
- 80 लोगों की हिस्ट्रीशीट भी खोली गई
- 74 लोगों पर गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई हुई
- 75 करोड़ से अधिक की संपत्ति भी जब्त
- 82 दुकानों के लाइसेंस भी निरस्त किए
- 03 तीन बड़ी व कई शराब फैक्टरी जब्त