वायु प्रदूषण एवं मौसम में बदलाव के बाद सांस के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। रविवार को जनपद में आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला में पहुंचे 2559 मरीजों में से 237 सांस के रोगी थे। मधुमेह के 102 रोगी उपचार कराने पहुंचे।
वायु प्रदूषण की वजह से दूषित हवा में सांस लेना मुश्किल होता जा रहा है।
खास बात यह है कि अधिकतर रोगी शहरी क्षेत्र एवं अतरौली के हैं। 237 सांस के रोगियों में से 18 मरीज मथुरा रोड स्थित पुष्पविहार शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आए थे। यूपीएचसी नगला तिकोना, केके जैन पर 14-14 रोगी पहुंचे थे। नौरंगाबाद में 13 और बेगमबाग यूपीएचसी में 12 लोग पहुंचे थे। अतरौली का आंकड़ा भी चौंकाने वाला है। वहां सांस के 22 रोगी उपचार कराने पहुंचे थे। सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय ने बताया कि अब सांस के मरीज अधिक आ रहे हैं। प्रदूषण के साथ ही मौसम में बदलाव प्रमुख कारण है। सांस के मरीजों को सावधान रहने की जरूरत है। जरूरी न हो तो घर से बाहर न निकलें। जन आरोग्य मेला में सबसे अधिक 492 मरीज स्कीन के थे। मधुमेह के 102 रोगी पहुंचे ।