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जिले को बेसिक शिक्षा विभाग जल्द देगा स्पोर्ट्स कांप्लेक्स

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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बेसिक शिक्षा विभाग जिले को जल्द स्पोर्ट्स कांप्लेक्स की सौगात देने जा रहा है। इसके लिए विभिन्न कागजी कार्यवाही अमल में लाई जा रही है। इससे जिले के विद्यार्थियों को खेल की प्रतिस्पर्धाओं के लिए बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।


बता दें कि शासन ने जिले में स्पोर्ट्स कांप्लेक्स विकसित किए जाने के लिए बीएसए से उपर्युक्त जमीन का डाटा मांगा है। जिससे जिले में खेलों की नर्सरी तैयार हो सके। यह भी निर्देश दिए कि जहां स्पोर्ट्स कांप्लेक्स विकसित किया जाएगा।
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उसके आसपास एक किलोमीटर के दायरे में बच्चों के लिए आवासीय व्यवस्था उपलब्ध हो सके। इसी के साथ यातायात के पर्याप्त साधन भी सुगम हों। जिससे अधिक से अधिक बच्चे लाभान्वित हो सकें। इसके लिए यहां से उपर्युक्त जमीन वाले विद्यालयों का डाटा भेजा जा रहा है।

जिसमें सबसे अधिक मडराक जूनियर हाईस्कूल, मईनाथ जूनियर व प्राइमरी विद्यालय व गंगीरी के रुखाला विद्यालय का नाम प्राथमिकता में भेजा गया है। इसके अलावा हर ब्लाक से एक विद्यालय का नाम भेजा जा रहा है।

क्या है स्पोर्ट्स कांप्लेक्स
स्पोर्ट्स कांप्लेक्स एक ऐसा विकसित स्थान होता है। जहां इंडोर व आउटडोर गेम्स के लिए खेलों की नर्सरी तैयार की जाती है। इस कांप्लेक्स में समूह में खेले जाने वाले सारे खेल हाकी, फुटबाल, वॉलीबाल के साथ फील्ड एंड ट्रंक (एथलेटिक्स) मैदान उपलब्ध होता है। इंडोर गेम के लिए भी पर्याप्त साधन व जगह होती है।

मडराक जूनियर हाईस्कूल है सबसे सही जगह
जिला व्यायाम शिक्षक सुशील कुमार शर्मा ने बताया कि हालांकि हम हर ब्लाक से एक विद्यालय का नाम शासन को भेज रहे हैं, लेकिन सबसे अधिक उपर्युक्त स्थान मडराक जूनियर हाईस्कूल व मईनाथ जूनियर व प्राइमरी विद्यालय हैं। उन्होंने कहा कि मडराक में शहर से कनेक्टिविटी अच्छी है। यातायात के साधन सुगम हैं। यहां पास में ही आवासीय विद्यालय है। जबकि मईनाथ विद्यालय पर 15 बीघा जमीन है। यहां पर स्पोर्ट्स कांप्लेक्स के हिसाब से सही जगह है। रुखाला भी इसी श्रेणी में है। इसलिए यह विद्यालय प्राथमिकता में है।
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हमारे लिए यह अच्छी बात है। स्पोर्ट्स कांप्लेक्स से बेसिक शिक्षा के खिलाड़ियों को और भी सुविधाएं मिल सकेंगी। इससे बड़ी से बड़ी प्रतियोगिता के लिए बच्चों के तैयारी करने कोई बाधा भी नहीं आएगी। फिलहाल शासन की मंशा के अनुरूप जिले के विद्यालयों का डाटा भेजा जा रहा है। इसके बाद शासन से जो भी निर्देश होंगे। उसके अनुरूप कार्य संपन्न कराया जाएगा।
- डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय, बीएसए
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