अलीगढ़ को समझने में सहायक बनेगा ‘सर सैयद और अलीगढ़ तहरीक’
ब्यूरो,अमर उजाला, अलीगढ़।
सर सैयद के जीवन तथा सेवाओं एवं अलीगढ़ आंदोलन पर आधारित पुस्तकों, संदर्भों तथा आलेखों के साथ अलीगढ़ के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं तो डॉ. शाइस्ता खां द्वारा संपादित की गई एवं मौलाना आजाद लाइब्रेरी द्वारा प्रकाशित बिबलियोग्राफी ‘सर सैयद और अलीगढ़ तहरीक’ एक अनूठी पुस्तक सिद्ध होगी।
यह बिबलियोग्राफी दो खंडों में सर सैयद द्विशतीय जन्म समारोह के अंतर्गत प्रकाशित की गई है जो सर सैयद तथा उनके आंदोलन से जुड़े लोगों के जीवन तथा कारनामों पर आधारित है।
इस बिबलियोग्राफी के पहले खंड में सर सैयद के लेखों, पुस्तकों तथा अलीगढ़ आंदोलन पर प्रकाशित होने वाली उर्दू, हिंदी एवं अंग्रेजी पुस्तकों के बारे विस्तार से जानकारी उपलब्ध कराई गई है, जबकि दूसरे खंड में सर सैयद तथा अलीगढ़ आंदोलन के संदर्भ में पत्रिकाओं में जो कुछ लिखा गया है उन पर आधारित उर्दू तथा अंग्रेजी के लगभग 6 हजार के आलेखों की विस्तारपूर्वक जानकारी उपलब्ध है।
एएमयू की मौलाना आजाद लाइब्रेरी में असिस्टेंट लाइब्रेरियन डॉ. शाइस्ता खान ने बिबलियोग्राफी में सर सैयद द्वारा लिखित पुस्तकों की सूची के साथ उनके पहले एडिशनों के प्रथम पृष्ठ के चित्रों को भी सम्मिलित किया गया है।
डॉ. खान ने बताया कि सर सैयद तथा अलीगढ़ आंदोलन पर उपलब्ध साहित्य के 9 हजार से अधिक संदर्भों पर आधारित बिबलियोग्राफी के तीसरे खंड पर वह कार्य कर रही हैं। सर सैयद द्विशतीय जन्म समारोह समिति के अध्यक्ष प्रो. एआर किदवई एवं सर सैयद अकादमी के पूर्व निदेशक प्रो. शान मोहम्मद ने कहा कि यह बिबलियोग्राफी समय की महती आवश्यकता थी।
मास कम्यूनिकेशन विभाग के प्रोफेसर शाफे किदवई एवं लाइब्रेरियन डॉ. नबी हसन ने कहा कि इस बिबलियोग्राफी में सर सैयद पर लिखित पुस्तकों तथा आलेखों का विस्तारात्मक संदर्भ शामिल है जिसे कठोर परिश्रम से तैयार किया गया है।