न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
सपेरा भानपुर के दर्जनों ग्रामीणों ने कमिश्नरी पहुंच कर सोमवार को प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना था कि गांव में ग्राम समाज की जमीन पर उनके पूर्वजों ने सौ वर्ष पहले मकान बनवाए थे, लेकिन अब तक प्रशासनिक लापरवाही के कारण जमीन ग्राम समाज के खातों में दर्ज है।
जिससे उनको आशंका बनी रहती है कि कभी भी उनसे जमीन खाली कराई जा सकती है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि राजस्व विभाग की लापरवाही के कारण ग्राम समाज की जमीन पर बसी आबादी अब तक सरकारी कागजों में दर्ज नहीं हुई है। इस मामले में बरौली विधायक ठा. दलवीर सिंह ने भी अधिकारियों से उचित कार्रवाई करने को कहा है।
गौर हो कि बीती 18 मार्च को प्रधान व लेखपाल ने नगला गिरधारी के एक परिवार को मकान बनाने से रोकते हुए हरदुआंगज थाने में लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धारा 3/5 में नामजद कराया था।
इससे पहले 19 परिवारों पर राजस्व संहिता की धारा 122 बी की कार्यवाही भी कई वर्षों से चल रही है। ताजा मुकदमे के बाद ग्रामीणों में गुस्सा है। जिस परिवार पर मुकदमा कराया है उसे तहसीलदार न्यायालय ने अपने 27 जुलाई 2013 के आदेश में अतिक्त्रस्मणकारी नहीं मानते हुए आवासीय आवंटन का हकदार माना था। 19 अन्य मामलों में से 13 मामलों में तहसीलदार कोर्ट का यही आदेश था। परंतु सभी में प्रधान ने एडीएम सिटी कोर्ट में रिवीजन दाखिल किया हुआ है।