न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
तहसील क्षेत्र के गांव नवीपुर में लेखपालों द्वारा सरकारी रिकार्ड में छेड़छाड़ करते हुए साढ़े चार हजार बीघा जमीन को भूमाफिया को बेचने के मामले में तहसील प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सभी प्रविष्टियों को तहसीलदार ने निरस्त कर दिया है और जमीन पर खड़ी फसलों की नीलामी कराई जाएगी।
तहसीलदार राजेश कुमार ने बताया कि इस जमीन के करीब ढाई सौ बीघा के रकबे में बोई गई गेहूं, ईख आदि फसलों की नीलामी के लिए 17 दिसंबर को तहसील मुख्यालय पर बैठक आयोजित की जाएगी। कोई भी व्यक्ति इस नीलामी में हिस्सा ले सकता है।
ऐसे खुली जमीन को बेचने की पोल
गांव नवीपुर के निकट पड़ी ग्राम सभा की करीब साढ़े चार हजार बीघा जमीन को तहसील प्रशासन ने आरएएफ की छावनी बनाने के लिए आवंटित किया था। मौके पर जाकर जब जमीन की पैमाइश की गई तो जमीन पर भूमाफिया का कब्जा था और उन्होंने फसल बो रखी थी। यह मामला संज्ञान में आने के बाद डीएम ने तहसील प्रशासन को जांच के आदेश दिए थे। तहसील प्रशासन ने जब रिकार्ड खंगाला तो उनके होश उड़ गए। इस जमीन को 43 साल पुराने सरकारी रिकार्ड में छेड़छाड़ कर भूमाफिया को आवंटित कर दिया गया था। इसमें कुछ राजस्व कर्मियों की संलिप्तता भी सामने आई थी। जांच अभी भी जारी है। तहसील प्रशासन ने सभी प्रविष्टियों को खारिज करते हुए जमीन को ग्राम सभा में दर्ज कर लिया।