लूट के बाद लुटेरों के एएमयू में छिपने के मामले की प्रवोस्ट को सौंपी गई जांच
ब्यूरो,अमर उजाला, अलीगढ़।
थाना सिविल लाइन क्षेत्र में लूट एवं चेन स्नैचिंग की घटनाओं को अंजाम देकर अपराधियों के कैंपस में छुपने के खुलासे के बाद एएमयू में खलबली मच गई है। एसएसपी राजेश कुमार पांडेय द्वारा पत्रकारों के समक्ष इसका खुलासा किए जाने के बाद प्रॉक्टर आफिस भी सक्रिय हो गया है और एक प्रवोस्ट को इस मामले की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सोमवार को एसएसपी राजेश कुमार पांडेय ने पत्रकारों के समक्ष दावा किया था कि थाना सिविल लाइन क्षेत्र में लूट एवं चेन स्नैचिंग की घटनाओं को अंजाम देकर कुछ अपराधी एएमयू के हॉलों में छुप जाते हैं। पकड़े गए एक आरोपी जैद आजम ने एसएस नार्थ के एक छात्र से दोस्ती भी कर ली थी।
हालांकि एएमयू छात्र के किसी वारदात में शामिल होने के सबूत नहीं मिले हैं। मीडिया में खबर आने के बाद एएमयू की प्रॉक्टोरियल टीम चौकन्ना हो गई है। एसएस नार्थ हॉल के प्रवोस्ट को जांच सौंप दी गई है। एएमयू पीआरओ आफिस के एमआईसी प्रो. शाफे किदवई ने बताया कि अभी तक किसी छात्र के किसी मामले में शामिल होने की सूचना नहीं है।
प्रवोस्ट इस मामले की जांच कर रहे हैं। एएमयू छात्र संघ के अध्यक्ष मशकूर अहमद उस्मानी ने इस संबंध में एसएसपी राजेश पांडेय से फोन पर बात की। उन्होंने अपराधियों का गिरोह पकड़ने के लिए कप्तान को धन्यवाद दिया। यह भी कहा कि किसी भी आपराधिक मामले में एएमयू छात्र शामिल नहीं हैं।
कुछ लोग एएमयू को अपनी सुरक्षा के ढाल की तरह इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने एएमयू के नाम को बदनाम करने वाले लोगों को आगाह किया कि छात्रों को एएमयू जान से प्यारी है। अपने अपराधों पर पर्दा डालने के लिए एएमयू के नाम का इस्तेमाल नहीं करें।