17 मार्च 2010 की रात को युवक कार से जा रहा था। तभी टमकोली-गभाना रोड पर रजवाहा के पुल पर कुछ लोगों ने कार रुकवाकर उनका व चालक का मोबाइल लूट लिया। बदमाश असलाह से लैस थे। इन्होंने डीवीडी निकाल ली, जिसके बाद दोनों के हाथ बांधकर श्यामनगर की तरफ 100 मीटर तक दूर ले गए और गोली मारने की धमकी देकर फरार हो गए।
अलीगढ़ के गभाना क्षेत्र में चौदह वर्ष पुराने डकैती के मुकदमे में एडीजे 13 विकास श्रीवास्तव की अदालत ने 10 लोगों को दोषी करार दिया है। इन सभी को 10-10 वर्ष कैद की सजा सुनाई है। इन्हीं में शामिल तीन लोगों को हमले के दूसरे मुकदमे में चार-चार वर्ष की अलग सजा सुनाई गई है।
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अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी कृष्ण मुरारी जौहरी के अनुसार ये घटना यह घटना 17 मार्च 2010 की रात की है। वादी मुकदमा लाखा बाजार गभाना के राकेश यदुवंशी के अनुसार वह चालक के साथ कार से जा रहे थे। तभी टमकोली-गभाना रोड पर रजवाहा के पुल पर कुछ लोगों ने कार रुकवाकर उनका व चालक आरिफ का मोबाइल लूट लिया। बदमाश असलाह से लैस थे। इन्होंने डीवीडी निकाल ली, जिसके बाद दोनों के हाथ बांधकर श्यामनगर की तरफ 100 मीटर तक दूर ले गए और गोली मारने की धमकी देकर फरार हो गए। राकेश के अनुसार उस जगह पर पहले से पांच छह लोग बंधे हुए थे। सभी ने आपस में एक दूसरे के हाथ खोले। बाद में पुलिस को दी।
मामले में पुलिस ने मुकदमे के आधार पर साबू, मुनव्वर, पौआ, जुगनू उर्फ काले खां, मुसर्रफ, जफरू, मुबारक, नसरत, आजम खां व मिंटू उर्फ फिदा हुसैन निवासी रामपुर शाहपुर, चंडौस के नाम उजागर किए और चार्जशीट दाखिल की गई। इसी मुकदमे में साक्ष्यों व गवाही के आधार पर सभी को 10-10 साल की सजा सुनाई है। इसमें पौआ व मुनव्वर पर 11-11 हजार, जबकि अन्य पर 6-6 हजार रुपये के अर्थदंड तय किया है। इधर, साबू, मुनव्वर व पौआ को पुलिस ने 21 मार्च 2010 को गिरफ्तारी के समय के पुलिस मुठभेड़ के मुकदमे में चार-चार साल की सजा व 5-5 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।