फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अलीगढ़ : 31 हजार को पकड़कर 1.70 करोड़ का जुर्माना वसूला

विज्ञापन
विज्ञापन
अभिषेक तायल
विज्ञापन

कोरोना की रफ्तार थमने के साथ ही रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का आवागमन शुरू हो गया है। इसी के साथ बिना टिकट यात्रा करने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है। रेल प्रशासन ने वर्तमान वित्तीय वर्ष में अप्रैल से जनवरी तक दस महीने में कुल 31 हजार 829 यात्रियों को बिना टिकट पकड़ा। करीब 1 करोड़ 70 लाख 70 हजार का जुर्माना वसूला। जो वित्तीय वर्ष 2020-21 की तुलना में 92 प्रतिशत ज्यादा है।
वर्ष 2020 में कोरोना ने पूरे देश में पहली दस्तक दी थी। 23 मार्च को पीएम द्वारा जनता कर्फ्यू लगाया गया था। जिसके बाद 24 मार्च 2020 से पूरे देश में संपूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की गई थी। इस दौरान ट्रेन के पहिये भी थम गए थे। कुछ मालगाड़ियां और स्पेशल ट्रेनों को छोड़कर सभी ट्रेनें बंद थीं। रेलवे स्टेशन पर आने जाने में भी काफी पाबंदियां थी। रेल प्रशासन के आंकड़े के अनुसार वित्तीय वर्ष 2020-21 (अप्रैल से मार्च) तक कुल 2 हजार 359 यात्रियों को बिना टिकट यात्रा करते पकड़ा गया। इनसे जुर्माने के तौर पर 11 लाख 94 हजार रुपये की वसूली की गई। वहीं वित्तीय वर्ष 2021-22 में अप्रैल से जनवरी तक दस महीनों में कुल 31 हजार 829 यात्रियों को बिना टिकट यात्रा करते पकड़ा गया। जिनसे 1 करोड़ 70 लाख 70 हजार 75 रुपये का जुर्माना वसूला गया। यह जुर्माना वित्तीय वर्ष 2020-21 से 92 प्रतिशत ज्यादा है, जबकि वर्तमान वित्तीय वर्ष में अभी दो माह बाकी हैं।
विज्ञापन

महीने में 3 हजार से ज्यादा लोग करते हैं बिना टिकट यात्रा
रेलवे प्रशासन ने वर्तमान वित्तीय वर्ष में अभी दस महीने की कमाई का आंकड़ा तैयार किया है। इस आंकड़े के अनुसार एक महीने में 3 हजार 182 लोग बिना टिकट यात्रा करने के इरादे से रेलवे स्टेशन पर आते हैं, लेकिन, टीटीई और आरपीएफ की सतर्कता के चलते वह पकड़े जाते हैं। जिनसे जुर्माना वसूला जाता है। वहीं एक दिन में करीब 106 लोग बिना टिकट के यात्रा करते हैं। वित्तीय वर्ष 2020-21 में 196 लोग महीने में बिना टिकट यात्रा करने के इरादे से स्टेशन पर आते थे।
जागरूकता के बाद भी लोग बिना टिकट करते हैं यात्रा
आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक चमन सिंह तोमर ने बताया कि यात्रियों को जागरुक करने के लिए समय-समय पर रेल प्रशासन व आरपीएफ द्वारा जागरूकता अभियान चलाया जाता है। उनसे बिना टिकट यात्रा नहीं करने की अपील की जाती है, लेकिन, बावजूद इसके लोग ट्रेन में बिना टिकट यात्रा करते हैं। चेकिंग के दौरान उन्हें पकड़ लिया जाता है और जुर्माने की कार्रवाई की जाती है।
विज्ञापन

जनरल कोच की कमी भी है कारण
कोरोना की रफ्तार धीरे-धीरे कम होने के साथ ही रेल मंत्रालय द्वारा ट्रेनों में पहले की तरह जनरल कोच लगाए जा रहे हैं, लेकिन, जनरल कोच वाली ट्रेनों की तादात कम होने के चलते यात्री बिना टिकट ही यात्रा करने के लिए ट्रेन में सवार हो जाते हैं। कोरोना काल में जनरल कोच का संचालन बंद था। चालू टिकट स्टेशन पर मिलना बंद हो गया था। ट्रेन में सफर करने के लिए आरक्षण कराना पड़ता था। ऐसे में काफी यात्रियों को इमरजेंसी में इधर से उधर जाना पड़ता था, लेकिन टिकट न मिलने के अभाव में वह परेशान रहते थे और बिना टिकट ही स्टेशन में प्रवेश कर जाते थे। हालांकि मंत्रालय के आदेश पर अब ट्रेनों में जनरल कोच लगाने शुरू किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें