पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के कई गाँवों में जाट समुदाय ने पंचायत कर मुसलमानों का बहिष्कार शुरू कर दिया है। पंचायत के बाद क्षेत्र में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।
जाट पंचायत ने ये फैसला पलाचंद गाँव के एक मुस्लिम लड़के और जाट समुदाय की एक लड़की के एक साथ फरार होने के बाद सर्वसम्मति से लिया। जाट समुदाय के इस बहिष्कार से 15 से अधिक गाँवों के मुसलमान प्रभावित हैं।
रविवार को जाटों की एक पंचायत ने बहिष्कार का फैसला सर्वसम्मति से लिया।
क्या फैसला हुआ पंचायत में
इस पंचायत में कई गाँवों के 1200 जाट शरीक थे। पंचायत ने एक समिति बनाई, जिसने मुसलमानों का बहिष्कार करने का फैसला किया।"
पंचायत का बहिष्कार का ये फैसला "हमेशा के लिए है"। इस फैसले के बाद मुसलमानों से व्यापारिक और सामाजिक सभी संबंध तोड़ दिए गए हैं।"
करना पड़ रहा है दिक्कतों का सामना
स्थानीय लोगों के अनुसार मुस्लिम लड़के और जाट लड़की एक दूसरे को स्कूल से जानते थे और पसंद करते थे। लगभग दो महीने पहले उनके फरार होने के बाद पलाचंद और इसके आस पास के इलाकों में मुसलमानों और जाटों के बीच माहौल तनावपूर्ण हो गया।
क्षेत्र के अधिकतर मुसलमान जाटों के खेतों में काम भी करते हैं। मुसलमानों की रोज़ी-रोटी काफी हद तक जाटों के खेतों में काम करने पर निर्भर है।
पंचायत के इस फैसले के बाद उन्हें समस्या का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी तरफ कुछ दिन पहले लड़की ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। उसे नारी निकेतन भेज दिया गया है।
लड़की के अनुसार अगर लड़की ने लड़के के पक्ष में बयान दिया तो माहौल और भी खराब हो सकता है। स्थानीय क्लिक करें पुलिस किसी भी घटना से निपटने के लिए चौकस है।